बस्तर में बिहान की दीदियों ने तैयार किए कार्यालयीन फाइल बस्ते
जगदलपुर, 05 नवंबर (हि.स.)। बस्तर जिले में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत महिला सशक्तिकरण की एक नई और प्रेरक मिसाल देखने को मिल रही है, जहां ग्रामीण महिलाएं अपनी मेहनत और हुनर के दम पर आत्मनिर्भरता की नई इबारत लिख रही हैं। विकासखण्ड जगदलपुर के ग्राम नेतानार स्थित शहीद वीर गुंडाधुर सेवा डेरा में संचालित सिलाई केंद्र की प्रशिक्षित दीदियों ने कार्यालयीन उपयोग के लिए कपड़े के मजबूत और आकर्षक फाइल बस्ते तैयार किए हैं।
शुरुआती चरण में दीदियों द्वारा 100 नग फाइल बस्तों का प्रिंटेड सैंपल तैयार किया गया है, जिसकी गुणवत्ता और फिनिशिंग देखते ही बनती है।
योजना के तहत इन पर्यावरण-अनुकूल कपड़ा फाइल बस्तों की आपूर्ति जिले के सभी शासकीय विभागों एवं कार्यालयों में मांग के अनुरूप की जाएगी। इस पहल से जहाँ सरकारी दफ्तरों को स्थानीय स्तर पर ही उच्च गुणवत्ता वाली सामग्री सहजता से उपलब्ध हो सकेगी, वहीं समूह से जुड़ी महिलाओं को अपने ही गांव में नियमित और स्थायी रोजगार का अवसर मिलेगा।
बिहान से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि इस प्रकार की गैर-कृषि गतिविधियों से महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है। कल तक जो दीदियां केवल बचत और छोटे ऋणों तक सीमित थीं, वे अब बाजार और कार्यालयीन आवश्यकताओं को समझते हुए स्वयं कुशल उद्यमी के रूप में उभर रही हैं। केंद्र में केवल फाइल बस्ते ही नहीं, बल्कि एप्रन और थैलों जैसे अन्य उत्पादों के ऑर्डर भी निरंतर मिल रहे हैं, जिससे पूरे वर्ष काम की निरंतरता बनी हुई है।
इस सार्थक प्रयास को संबल देने के लिए सीईओ जिला पंचायत बस्तर तन्मय खन्ना ने जिले के समस्त शासकीय विभागों के अधिकारियों से अपील की है कि वे अपनी कार्यालयीन सामग्री की आवश्यकताओं में बिहान समूह द्वारा निर्मित इन फाइल बस्तों को प्राथमिकता दें, ताकि ग्रामीण महिलाओं के आत्मविश्वास को बढ़ावा मिले और स्थानीय स्तर पर आत्मनिर्भरता की यह मुहिम और अधिक मजबूत हो सके।
हिन्दुस्थान समाचार / राकेश पांडे

