डुबान क्षेत्र को बड़ी राहत, गंगरेल में शुरू हुई “वॉटर एंबुलेंस सेवा”
अब 50 किमी की दूरी सिमटकर 7 किमी, 45 मिनट में मिलेगा उपचार; पर्यटन विकास को भी मिलेगा नया आयाम
धमतरी, 04 अप्रैल (हि.स.)। दूरस्थ और डुबान प्रभावित गांवों के लिए जिला प्रशासन ने एक बड़ी राहत की पहल करते हुए गंगरेल बांध क्षेत्र में “वॉटर एंबुलेंस सेवा” की शुरुआत आज से कर दी है। कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने डुबान क्षेत्र के गांवों का दौरा कर ग्रामीणों से सीधा संवाद किया और उनकी समस्याओं के त्वरित समाधान के निर्देश दिए थे।
अब तक स्वास्थ्य सुविधा के लिए ग्रामीणों को करीब 50 किलोमीटर का लंबा सफर तय करना पड़ता था, जिससे आपात स्थिति में समय पर इलाज मिलना मुश्किल हो जाता था। नई वॉटर एंबुलेंस सेवा के शुरू होने से यह दूरी घटकर महज 7 किलोमीटर रह जाएगी और मरीजों को लगभग 45 मिनट में धमतरी पहुंचाया जा सकेगा।
यह सेवा 7 पंचायतों के 32 गांवों के हजारों ग्रामीणों के लिए जीवनरक्षक साबित होगी। प्रशासन जल्द ही इसके लिए टोल फ्री नंबर भी जारी करेगा, ताकि जरूरतमंद लोग तुरंत सहायता प्राप्त कर सकें। कलेक्टर ने इसे सिर्फ परिवहन सुविधा नहीं, बल्कि दूरस्थ क्षेत्रों के लिए “जीवनरेखा” बताया। उन्होंने कहा कि प्रशासन का लक्ष्य अंतिम छोर तक स्वास्थ्य, शिक्षा और जरूरी सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करना है। आने वाले समय में इस सेवा का विस्तार कर इसे और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा।
पर्यटन को भी मिलेगा बढ़ावा
दौरे के दौरान हरफर गांव की प्राकृतिक सुंदरता ने भी ध्यान आकर्षित किया। कलेक्टर ने इसे संभावित पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की बात कही और अधिकारियों को यहां रेस्टोरेंट, बोटिंग, होम-स्टे और अन्य बुनियादी सुविधाएं विकसित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि धमतरी प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध जिला है और योजनाबद्ध प्रयासों से इसे पर्यटन मानचित्र पर विशेष पहचान दिलाई जा सकती है। इससे स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
विकास की दोहरी दिशा वॉटर एंबुलेंस सेवा जहां स्वास्थ्य सुविधाओं को सुलभ बनाएगी, वहीं पर्यटन विकास की पहल क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को नई गति देगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा

