home page

कोरबा में ड्रोन और थर्मल तकनीक से खनन माफियाओं पर बड़ा शिकंजा, अवैध रेत उत्खनन में जेसीबी, टीपर और ट्रैक्टर जब्त

 | 
कोरबा में ड्रोन और थर्मल तकनीक से खनन माफियाओं पर बड़ा शिकंजा, अवैध रेत उत्खनन में जेसीबी, टीपर और ट्रैक्टर जब्त


कोरबा में ड्रोन और थर्मल तकनीक से खनन माफियाओं पर बड़ा शिकंजा, अवैध रेत उत्खनन में जेसीबी, टीपर और ट्रैक्टर जब्त


कोरबा, 26 जून (हि. स.)। कोरबा जिले में अवैध खनन के खिलाफ प्रशासन ने अब अत्याधुनिक तकनीक का सहारा लेते हुए कार्रवाई तेज कर दी है। कलेक्टर कुणाल दुदावत के निर्देश एवं उप संचालक, खनि प्रशासन के मार्गदर्शन में खनिज विभाग ने ड्रोन कैमरे और थर्मल इमेजिंग तकनीक के जरिए अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण पर प्रभावी अंकुश लगाने की शुरुआत की है। खनिज उड़नदस्ता दल ने शुक्रवार को कोरबा शहर से लगे सीतामढ़ी क्षेत्र में हसदेव नदी पर ड्रोन के माध्यम से विशेष अभियान चलाकर अवैध रेत उत्खनन में संलिप्त तीन वाहनों को जब्त किया।

विशेष अभियान के दौरान ड्रोन कैमरे से हसदेव नदी में अवैध रूप से रेत उत्खनन कर रही एक जेसीबी की गतिविधियों को रिकॉर्ड किया गया। ड्रोन की लगातार निगरानी के माध्यम से वाहन की लोकेशन का पीछा करते हुए उसे इमलीडुग्गू क्षेत्र तक चिन्हित किया गया। इसके बाद खनिज जांच दल ने तत्काल मौके पर पहुंचकर दबिश दी और अवैध उत्खनन में प्रयुक्त जेसीबी के साथ अवैध रेत परिवहन कर रहे एक टीपर को जब्त कर खनिज जांच चौकी उरगा की अभिरक्षा में रख दिया।

इसी अभियान के दौरान राताखार क्षेत्र में अवैध रूप से रेत परिवहन करते पाए जाने पर एक ट्रैक्टर को भी जब्त किया गया। जब्त ट्रैक्टर को आगे की वैधानिक कार्रवाई के लिए रामपुर थाना की अभिरक्षा में सौंपा गया। इस तरह एक ही दिन में खनिज विभाग ने तीन वाहनों पर कार्रवाई कर अवैध खनन करने वालों को कड़ा संदेश दिया है।

खनिज विभाग के अधिकारियों ने बताया कि अभियान का मुख्य उद्देश्य जिले में अवैध उत्खनन, परिवहन एवं भंडारण पर पूर्ण रोक लगाना, प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण करना तथा शासन को होने वाले राजस्व नुकसान को रोकना है। अवैध गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957, छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियम, 2015 एवं अन्य लागू कानूनी प्रावधानों के तहत सख्त कार्रवाई की जा रही है।

सहायक खनि अधिकारी राकेश वर्मा ने बताया कि अब जिले में अवैध खनन की निगरानी के लिए ड्रोन तकनीक का नियमित उपयोग किया जाएगा। इसके अलावा रात के समय अंधेरे का फायदा उठाकर अवैध उत्खनन और परिवहन करने वालों पर नजर रखने के लिए थर्मल इमेजिंग तकनीक भी इस्तेमाल में लाई जाएगी। ड्रोन कैमरों में रिकॉर्ड हुए साक्ष्यों के आधार पर वाहन छिपाने या मौके से भागने की कोशिश करने वाले भी कार्रवाई से नहीं बच पाएंगे।

खनिज विभाग ने जिले के नागरिकों से भी सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि यदि कहीं भी अवैध खनन, रेत परिवहन या खनिजों के अवैध भंडारण की जानकारी मिले तो इसकी सूचना तत्काल प्रशासन को दें। विभाग ने स्पष्ट किया है कि अवैध खनन के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध बिना किसी रियायत के कठोर कार्रवाई की जाएगी।

हिन्दुस्थान समाचार/ हरीश तिवारी

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / हरीश तिवारी