home page

प्यास बुझाना ही सबसे बड़ी सेवा: चलित प्याऊ घर से मिल रही राहत

 | 
प्यास बुझाना ही सबसे बड़ी सेवा: चलित प्याऊ घर से मिल रही राहत


धमतरी, 23 अप्रैल (हि.स.)। भीषण गर्मी और बढ़ते तापमान के बीच आमजन को राहत पहुंचाने के उद्देश्य से बेटर टुगेदर फाउंडेशन द्वारा संचालित चलित प्याऊ घर सेवा का तीसरा वर्ष 21 अप्रैल से शुरू हो गया है। यह पहल शहर में राहगीरों, मजदूरों, रिक्शा चालकों, ठेला संचालकों और जरूरतमंद लोगों के लिए बड़ी राहत साबित हो रही है। फाउंडेशन की यह चलित सेवा धमतरी के प्रमुख चौक-चौराहों और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर पहुंचकर लोगों को शुद्ध और ठंडा पेयजल उपलब्ध करा रही है। गर्मी के मौसम में खासकर दूर-दराज से आने वाले लोगों को पानी की समस्या का सामना करना पड़ता है, ऐसे में यह पहल उनके लिए संजीवनी बनकर सामने आई है।

इस सेवा की शुरुआत दो वर्ष पूर्व स्वर्गीय रिखब चंद गोलछा और प्रणय गोलछा की स्मृति में की गई थी। उनकी समाजसेवा की भावना को आगे बढ़ाते हुए यह अभियान लगातार जारी है और हर वर्ष इसका विस्तार किया जा रहा है। फाउंडेशन से जुड़े आयुष गोलछा ने कहा कि भीषण गर्मी में एक घूंट ठंडा पानी भी अमृत के समान होता है और प्यासे को पानी पिलाना ही सबसे बड़ी सेवा है। इसी विचार को आधार बनाकर यह पहल संचालित की जा रही है। उन्होंने बताया कि पूरे गर्मी के मौसम में शहर के अलग-अलग इलाकों में चलित प्याऊ घर के माध्यम से निरंतर पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि किसी भी जरूरतमंद को पानी के लिए भटकना न पड़े। इस सेवा के माध्यम से प्रतिदिन सैकड़ों लोग लाभान्वित हो रहे हैं। राहगीरों और स्थानीय नागरिकों ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे मानवता और सामाजिक जिम्मेदारी का उत्कृष्ट उदाहरण बताया है। बेटर टुगेदर फाउंडेशन का यह प्रयास न केवल प्यास बुझा रहा है, बल्कि समाज में सेवा, सहयोग और संवेदनशीलता के मूल्यों को भी मजबूत कर रहा है।

हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा