बलरामपुर में निर्वाचन साक्षरता प्रतियोगिता शुरू, 20 नवंबर तक स्कूल-कॉलेज के विद्यार्थी ले सकेंगे हिस्सा
बलरामपुर, 03 नवंबर (हि.स.)। युवाओं और भावी मतदाताओं को निर्वाचन प्रक्रिया के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से जिले के स्कूलों और महाविद्यालयों में निबंध एवं प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता आयोजित की जा रही है।
भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार निर्वाचन साक्षरता क्लबों (ईएलसी) के माध्यम से 2 से 20 नवंबर तक चलने वाली इन प्रतियोगिताओं में जिले के सभी संबंधित संस्थानों के इच्छुक विद्यार्थी भाग ले सकेंगे। इसके लिए ईएलसी का सदस्य होना अनिवार्य नहीं है।
निबंध प्रतियोगिता के लिए ‘शुद्ध मतदाता सूची का महत्व’ और ‘मतदान का महत्व’ विषय निर्धारित किए गए हैं। स्कूली विद्यार्थियों के लिए निबंध की शब्द सीमा 500 से 800 और महाविद्यालयीन विद्यार्थियों के लिए 800 से 1200 शब्द रखी गई है। वहीं प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में मतदाता सूची तैयार करने, ईवीएम एवं वीवीपैट, मतदान और मतगणना प्रक्रिया से जुड़े सवाल पूछे जाएंगे। दोनों प्रतियोगिताओं में विद्यार्थी हिंदी अथवा अंग्रेजी भाषा में हिस्सा ले सकेंगे।
प्रतियोगिताएं संस्थान, विधानसभा क्षेत्र और जिला स्तर पर तीन चरणों में आयोजित होंगी। 2 से 7 नवंबर तक संस्थान स्तर पर प्रतियोगिताएं होंगी, जहां प्रत्येक विधा से दो शीर्ष विद्यार्थियों का चयन किया जाएगा। चयनित विद्यार्थी 10 से 13 नवंबर तक विधानसभा स्तरीय प्रतियोगिता में शामिल होंगे। इसके बाद प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र से शीर्ष 10 विद्यार्थियों का चयन कर उन्हें 16 से 18 नवंबर तक आयोजित जिला स्तरीय फाइनल में मौका दिया जाएगा। जिला स्तर पर अंतिम 10 विजेताओं का चयन होगा।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 20 नवंबर तक परिणाम घोषित कर प्रमाण पत्र वितरित किए जाएंगे। जिला स्तर के विजेताओं को जिला निर्वाचन अधिकारी की ओर से मेरिट प्रमाण पत्र दिया जाएगा, जबकि सभी प्रतिभागियों को सहभागिता प्रमाण पत्र मिलेगा। प्रतियोगिता में शामिल होने वाली प्रविष्टियां मौलिक होनी चाहिए। नकल या आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) से तैयार सामग्री स्वीकार नहीं की जाएगी। इसके अलावा किसी राजनीतिक दल, प्रत्याशी या विचारधारा का उल्लेख करने वाली प्रविष्टियां भी अमान्य होंगी।
जिला निर्वाचन अधिकारी एवं कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी ने कहा कि यह प्रतियोगिता युवाओं और भावी मतदाताओं को निर्वाचन प्रक्रिया से जोड़ने तथा उनमें लोकतांत्रिक जागरूकता बढ़ाने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने जिले के सभी स्कूलों और महाविद्यालयों के प्राचार्यों तथा ईएलसी समन्वयकों को अधिक से अधिक विद्यार्थियों की भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही विद्यार्थियों से प्रतियोगिताओं में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की है।
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हिन्दुस्थान समाचार / विष्णु पांडेय

