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बलरामपुर में 150 हड़ताली पटवारियों को शो-कॉज नोटिस, मुख्यालय में नहीं रहने पर पांच निलंबित

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बलरामपुर में 150 हड़ताली पटवारियों को शो-कॉज नोटिस, मुख्यालय में नहीं रहने पर पांच निलंबित


बलरामपुर, 01 नवंबर (हि.स.)। सरगुजा संभाग में जारी पटवारियों की हड़ताल को लेकर प्रशासन ने सख्ती शुरू कर दी है। संभाग के सभी 819 पटवारियों को तत्काल काम पर लौटने के निर्देश दिए गए हैं। इसी क्रम में रविवार काे बलरामपुर जिले के 150 पटवारियों को शो-कॉज नोटिस जारी किया गया है। उन्हें अपने मुख्यालय में उपस्थित होकर कार्यभार ग्रहण करने और उसी दिन संबंधित तहसीलदार के माध्यम से व्यक्तिगत रूप से लिखित स्पष्टीकरण देने को कहा है।

संभागायुक्त नरेंद्र दुग्गा ने सरगुजा संभाग के सभी छह जिलों के एसडीएम को निर्देशित किया है कि हड़ताल पर गए पटवारियों को नोटिस जारी कर तत्काल कर्तव्य पर लौटने के लिए कहा जाए। निर्धारित तिथि पर मुख्यालय में उपस्थित नहीं होने और स्पष्टीकरण नहीं देने पर नियमानुसार एकपक्षीय कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। बलरामपुर जिले में मुख्यालय में निवास नहीं करने के कारण पांच पटवारियों के निलंबन की कार्रवाई भी की गई है। हड़ताल पर गए अन्य पटवारियों को भी तत्काल शासकीय कार्यों का संपादन शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।

संभागायुक्त ने कहा है कि सक्षम प्राधिकारी की पूर्व अनुमति या स्वीकृत अवकाश के बिना अनुपस्थित रहने से कई महत्वपूर्ण और समयबद्ध शासकीय कार्य प्रभावित हो रहे हैं। इनमें डिजिटल क्रॉप सर्वे, फिजिकल वेरिफिकेशन, एग्रीस्टैक और आगामी धान खरीदी के लिए किसानों के अभिलेखों का सत्यापन शामिल है। इसके अलावा आय, जाति और निवास प्रमाणपत्रों के लिए जांच प्रतिवेदन तैयार करने, नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन और राजस्व न्यायालयों से जुड़े प्रकरणों का काम भी प्रभावित हो रहा है।

चक्रवाती तूफान के कारण विभिन्न क्षेत्रों में हुई फसल क्षति का सर्वेक्षण और नुकसान का आकलन भी प्राथमिकता के आधार पर किया जाना है। इसके बाद पात्र किसानों को राहत देने की कार्रवाई की जानी है। पटवारियों की अनुपस्थिति के कारण इन जरूरी कामों में देरी हो रही है, जिससे किसानों और आम नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बिना अनुमति अनुपस्थित रहने वाले पटवारियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। अनुपस्थिति की अवधि के वेतन और अन्य सेवा लाभों पर भी नियमानुसार निर्णय लिया जाएगा। साथ ही इस अवधि को सेवा में व्यवधान यानी ब्रेक इन सर्विस माना जाएगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / विष्णु पांडेय