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सिविल सेवा आचरण नियम के उल्लंघन पर सहायक ग्रेड-3 निलंबित

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सिलफिली स्कूल में निरीक्षण के दौरान अनधिकृत अनुपस्थिति मिली, वेतन देयक में लापरवाही का भी आरोप

सूरजपुर, 17 सितंबर (हि.स.)। शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सिलफिली में अनधिकृत रूप से अनुपस्थित पाए जाने और वेतन देयक तैयार करने में लापरवाही के मामले में सहायक ग्रेड-3 देवी प्रसाद राजवाड़े को निलंबित कर दिया गया है। जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा आज गुरुवार को किए गए आकस्मिक निरीक्षण के दौरान उन्हें विद्यालय से अनुपस्थित पाया गया । प्रकरण में प्रथम दृष्टया छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम 3 का उल्लंघन पाए जाने पर छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के नियम 9 के तहत कार्रवाई की गई है।

निरीक्षण के दौरान विद्यालय के शिक्षक एवं कर्मचारियों ने अधिकारियों को बताया कि देवी प्रसाद राजवाड़े पिछले कुछ दिनों से विद्यालय नहीं आ रहे थे। उनके विद्यालय आने पर नशे की हालत में आने और सहकर्मियों के साथ अमर्यादित व्यवहार करने की बात भी निरीक्षण के दौरान बताई गई। इन आरोपों के संबंध में विभागीय स्तर पर कार्रवाई की गई है।

जांच में वेतन देयक तैयार करने में भी अनियमितता सामने आने की बात कही गई है। आदेश के अनुसार देवी प्रसाद राजवाड़े द्वारा वेतन देयक अलग-अलग चरणों में तैयार किया जा रहा था। पहले चरण में प्राचार्य और स्वयं का वेतन आहरित किया गया, जबकि दूसरे चरण में संस्था के 14 कर्मचारियों का वेतन आहरित किया गया। वहीं 11 कर्मचारियों का वेतन देयक तैयार नहीं किया गया, जिसके कारण उन्हें अगस्त 2026 का वेतन नहीं मिल सका।

जिला शिक्षा अधिकारी के आदेश में इन कृत्यों को शासकीय कर्तव्यों के प्रति लापरवाही, स्वेच्छाचारिता और उदासीनता मानते हुए छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम 3 के विपरीत बताया गया है। प्रकरण में प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने के आधार पर देवी प्रसाद राजवाड़े को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है।

निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बालक बिहारपुर, विकासखंड ओड़गी, जिला सूरजपुर निर्धारित किया गया है। निलंबन अवधि के दौरान उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / विष्णु पांडेय