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धमतरी : जिले में 24 हज़ार से अधिक वरिष्ठ नागरिकों के बने आयुष्मान वय वंदन कार्ड

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धमतरी : जिले में 24 हज़ार से अधिक वरिष्ठ नागरिकों के बने आयुष्मान वय वंदन कार्ड


धमतरी, 18 जुलाई (हि.स.)। आयुष्मान वय वंदन योजना के तहत 70 वर्ष और उससे अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिकों के कार्ड पंजीयन में धमतरी जिला प्रदेश में 10 वें स्थान पर है। प्रारंभिक लक्ष्य से अधिक कार्ड बनाकर उपलब्धि हासिल करने के बाद खाद्य विभाग से नई पात्र हितग्राहियों की सूची मिलने पर जिले का लक्ष्य 24477 से बढ़ाकर 33869 कर दिया गया है। अब तक 24724 हितग्राहियों के कार्ड बन चुके हैं, जो नए लक्ष्य का 73 प्रतिशत है। शेष हितग्राहियों के पंजीयन में तकनीकी और ई-केवाईसी संबंधी समस्याएं सबसे बड़ी बाधा बनी हुई हैं।

आयुष्मान वय वंदन योजना के अंतर्गत पंजीकृत प्रत्येक वरिष्ठ नागरिक को प्रतिवर्ष पांच लाख रुपये तक के निश्शुल्क उपचार की सुविधा मिलती है। इस योजना का लाभ लेने के लिए सामाजिक या आर्थिक स्थिति कोई बाधा नहीं है। 70 वर्ष या उससे अधिक आयु के सभी पात्र वरिष्ठ नागरिक योजना के तहत कार्ड पंजीयन करा सकते हैं। सीएमएचओ कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार जिले में पहले 24477 कार्ड बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। दो जून तक 24612 कार्ड बनाकर जिले ने शत-प्रतिशत से अधिक उपलब्धि हासिल कर ली थी। इसके बाद खाद्य विभाग से पात्र हितग्राहियों की नई सूची प्राप्त होने पर लक्ष्य बढ़ाकर 33869 कर दिया गया। नया लक्ष्य मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने चारों विकासखंडों में पंजीयन अभियान फिर से तेज कर दिया है।

स्वास्थ्य विभाग की टीमें गांव-गांव पहुंचकर पात्र वरिष्ठ नागरिकों से संपर्क कर रही हैं और उन्हें आयुष्मान वय वंदन कार्ड बनवाने के लिए प्रेरित कर रही हैं। विभाग ने ऐसे बुजुर्गों के लिए विशेष व्यवस्था भी की है, जो अधिक उम्र, बीमारी या शारीरिक अस्वस्थता के कारण पंजीयन केंद्र तक नहीं पहुंच सकते। स्वास्थ्यकर्मी उनके घर जाकर कार्ड पंजीयन की प्रक्रिया पूरी कर रहे हैं। ई-केवाईसी के लिए फेस आथेंटिकेशन, बायोमेट्रिक सत्यापन और मोबाइल ओटीपी के माध्यम से प्रमाणीकरण किया जा रहा है, ताकि अधिक से अधिक पात्र हितग्राहियों को योजना का लाभ मिल सके। अभियान के अंतिम चरण में तकनीकी समस्याएं पंजीयन में सबसे बड़ी बाधा बनी हुई हैं। कई वरिष्ठ नागरिकों के आधार कार्ड से मोबाइल नंबर लिंक नहीं होने के कारण ओटीपी आधारित सत्यापन नहीं हो पा रहा है। वहीं अधिक उम्र के कारण कई बुजुर्गों का बायोमेट्रिक सत्यापन भी सफल नहीं हो रहा, जिससे ई-केवाईसी प्रक्रिया अधूरी रह जाती है। इन कारणों से पात्र हितग्राहियों का पंजीयन लंबित है। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि तकनीकी समस्याओं के समाधान के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि शेष सभी पात्र वरिष्ठ नागरिकों के कार्ड जल्द से जल्द बनाए जा सके।

हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा