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महिलाओं के नाम पर संविधान से छेड़छाड़ की कोशिश: कांग्रेस पार्षदों का आरोप

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महिलाओं के नाम पर संविधान से छेड़छाड़ की कोशिश: कांग्रेस पार्षदों का आरोप


धमतरी, 24 अप्रैल (हि.स.)। नगर निगम धमतरी में महिला आरक्षण अधिनियम 2023 को लेकर आयोजित विशेष बैठक में शुक्रवार काे विपक्षी पार्षदों ने केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। नेता प्रतिपक्ष दीपक सोनकर ने कहा कि महिला आरक्षण बिल को परिसीमन से जोड़कर लाने का प्रयास “बदनीयती” से किया गया, जिसे विपक्ष ने विफल कर दिया।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने सितंबर 2023 में पारित महिला आरक्षण विधेयक का समर्थन किया था, लेकिन वर्तमान सरकार इसके नाम पर संविधान में बदलाव की कोशिश कर रही है। उप नेता प्रतिपक्ष विशु देवांगन ने कहा कि यह केवल महिला आरक्षण का मुद्दा नहीं, बल्कि देश के राजनीतिक और चुनावी ढांचे को प्रभावित करने का प्रयास है, जिसे विपक्ष ने रोकने का काम किया। उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी चुनावी लाभ के लिए इस तरह की रणनीतियां अपनाती रही है। महिला पार्षद सुमन मेश्राम ने कहा कि यदि सरकार वास्तव में महिलाओं को आरक्षण देना चाहती है, तो 543 लोकसभा सीटों में 33 प्रतिशत आरक्षण लागू कर 179 महिला सांसद तुरंत बनाए जाएं। उन्होंने कहा कि ऐसा न करना सरकार की मंशा पर सवाल खड़े करता है।

पार्षद योगेश लाल ने नगर निगम में महिला जनप्रतिनिधियों के सम्मान के मुद्दे को उठाते हुए कहा कि एक वर्ष से अधिक समय में महिलाओं के साथ कैसा व्यवहार हो रहा है, यह सभी देख रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सभापति के अधिकारों और प्रोटोकॉल का हनन किया जा रहा है। पार्षद उमा भागी ध्रुव ने इसे केवल एक पद का नहीं, बल्कि सभी महिला जनप्रतिनिधियों के सम्मान से जुड़ा मामला बताते हुए इसकी निंदा की। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में जनता इसका जवाब देगी।

हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा