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अर्नब तूफान से फसल क्षति पर अलर्ट, 72 घंटे में सूचना नहीं दी तो अटक सकता है बीमा क्लेम

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अर्नब तूफान से फसल क्षति पर अलर्ट, 72 घंटे में सूचना नहीं दी तो अटक सकता है बीमा क्लेम


धमतरी, 30 अक्टूबर (हि.स.)। चक्रवाती तूफान अर्नब के प्रभाव से जिले में हुई असामयिक बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। फसलों को हुए नुकसान की आशंका के बीच कृषि विभाग ने किसानों के लिए एडवाइजरी जारी कर प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत बीमित किसानों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए हैं।

विभाग ने स्पष्ट किया है कि प्राकृतिक आपदा से फसल क्षति होने पर किसानों को घटना के 72 घंटे के भीतर टोल फ्री नंबर 14447 (कृषि रक्षक पोर्टल) पर शिकायत दर्ज करानी होगी। निर्धारित समयसीमा में सूचना नहीं देने पर बीमा क्लेम का लाभ मिलने में परेशानी हो सकती है।

उप संचालक कृषि मोनेश साहू ने बताया कि शिकायत दर्ज होने के बाद बीमा कंपनी द्वारा 10 दिनों के भीतर सर्वे कर फसल नुकसान का आकलन किया जाएगा। खेत में खड़ी फसल में जलभराव अथवा अन्य प्राकृतिक आपदा से हुए नुकसान की भरपाई योजना के प्रावधानों के अनुसार फसल कटाई प्रयोग से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर की जाएगी। वहीं, कटाई के बाद खेत या खलिहान में रखी धान की कटी हुई फसल (करपा) को नुकसान होने पर अधिकतम 14 दिनों तक बीमा सुरक्षा का प्रावधान है।

शिकायत दर्ज कराने के लिए जरूरी दस्तावेज: किसानों को टोल फ्री नंबर पर सूचना देते समय अपना नाम, मोबाइल नंबर, ग्राम, तहसील और जिले का नाम, खसरा नंबर, बीमित फसल का नाम, बीमा पॉलिसी नंबर तथा फसल नुकसान का विवरण और घटना की तारीख की जानकारी देनी होगी। कृषि विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि बारिश और तूफान से फसल प्रभावित होने पर घबराकर जल्दबाजी में कटाई न करें। नुकसान की स्थिति में तत्काल पटवारी और ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी को सूचना दें। साथ ही खेत में खड़ी अथवा कटाई के बाद रखी फसल के नुकसान की फोटो और वीडियो बनाकर सुरक्षित रखें। खलिहान में रखी कटी हुई फसल को पॉलीथिन से ढंककर सुरक्षित स्थान पर रखने की भी सलाह दी गई है। कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे फसल नुकसान की सूचना देने में देरी न करें और 72 घंटे की समयसीमा का विशेष ध्यान रखें, ताकि प्राकृतिक आपदा से प्रभावित किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत मिलने वाले मुआवजे का लाभ लेने में कोई परेशानी न हो।

हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा