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प्रदेशभर में एनालॉग पनीर पर सख्ती के बाद कोरबा में छापेमारी, कई डेयरियों की जांच में नहीं मिला नकली पनीर

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प्रदेशभर में एनालॉग पनीर पर सख्ती के बाद कोरबा में छापेमारी, कई डेयरियों की जांच में नहीं मिला नकली पनीर


प्रदेशभर में एनालॉग पनीर पर सख्ती के बाद कोरबा में छापेमारी, कई डेयरियों की जांच में नहीं मिला नकली पनीर


,कोरबा, 02 अगस्त (हि. स.)। प्रदेश में नकली एवं एनालॉग पनीर के क्रय-विक्रय, संग्रहण और उपयोग पर प्रतिबंध के बाद कोरबा जिले में खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने सघन जांच अभियान शुरू कर दिया है। खाद्य आयुक्त दीपक अग्रवाल के निर्देश पर रविवार को खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने जिले के विभिन्न डेयरी प्रतिष्ठानों और खाद्य कारोबारियों के यहां निरीक्षण कर पनीर की गुणवत्ता एवं वैधता की जांच की।

खाद्य सुरक्षा अधिकारी विकास भगत एवं संघर्ष मिश्रा के नेतृत्व में चलाए गए अभियान के दौरान शहर की प्रमुख डेयरियों एवं खाद्य प्रतिष्ठानों वंदना सेल्स, वचन मिल्क पार्लर, अलंकार डेयरी, गणेश डेयरी, प्रभात डेयरी, रवि डेयरी, संतोष डेयरी तथा सर्वमंगला डेयरी सहित अन्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया। जांच के दौरान किसी भी प्रतिष्ठान में एनालॉग (नकली) पनीर का उपयोग अथवा भंडारण नहीं पाया गया। अधिकारियों ने संबंधित व्यापारियों को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के प्रावधानों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए।

जांच के दौरान विभागीय अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यदि भविष्य में किसी भी प्रतिष्ठान में एनालॉग पनीर का अवैध रूप से क्रय-विक्रय, संग्रहण अथवा उपयोग करते हुए पाया गया तो संबंधित संचालक के विरुद्ध खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

विभाग ने जिले के सभी हलवाई, कैटरर्स एवं बड़े भोज-समारोहों में भोजन तैयार करने वाले संचालकों को भी विशेष रूप से चेतावनी जारी की है। उन्हें निर्देशित किया गया है कि वे निर्धारित खाद्य लाइसेंस प्राप्त करने के बाद ही खाद्य व्यवसाय का संचालन करें तथा किसी भी स्थिति में एनालॉग पनीर का उपयोग न करें। अधिकारियों ने कहा कि विवाह समारोह, सामूहिक भोज एवं अन्य आयोजनों में परोसे जाने वाले खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।

खाद्य सुरक्षा अधिकारी विकास भगत ने बताया कि, प्रदेश सरकार के निर्देशानुसार जिले में लगातार सघन जांच अभियान चलाया जा रहा है। आम नागरिकों को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान जांच में किसी भी प्रतिष्ठान में एनालॉग पनीर नहीं मिला है, लेकिन अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। यदि कोई व्यक्ति या प्रतिष्ठान प्रतिबंधित अथवा नकली पनीर का उपयोग, भंडारण या बिक्री करते पाया जाता है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आम नागरिकों से भी अपील की कि यदि कहीं नकली या संदिग्ध पनीर की बिक्री की जानकारी मिले तो तत्काल खाद्य सुरक्षा विभाग को सूचित करें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।

हिन्दुस्थान समाचार/ हरीश तिवारी

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हिन्दुस्थान समाचार / हरीश तिवारी