धमतरी में खाद-बीज का भरपूर भंडारण, किसानों को समय पर मिलेगी सुविधा
धमतरी, 13 मई (हि.स.)। खरीफ सीजन 2026 को लेकर जिला प्रशासन और कृषि विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। किसानों को समय पर खाद और बीज उपलब्ध कराने के लिए जिलेभर में भंडारण, वितरण और निगरानी व्यवस्था को मजबूत किया गया है। प्रशासन का दावा है कि इस बार किसानों को खाद-बीज की कमी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
कृषि विभाग से मिली जानकारी के अनुसार जिले की 43 सहकारी समितियों में अब तक 3090.30 क्विंटल बीज का भंडारण किया जा चुका है। वहीं सहकारी और निजी क्षेत्र में कुल 29,113.70 मीट्रिक टन उर्वरक उपलब्ध कराया गया है। इसमें यूरिया, डीएपी सहित अन्य आवश्यक उर्वरक शामिल हैं। अधिकारियों के मुताबिक किसानों की मांग के अनुरूप खाद और बीज की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है, ताकि बुवाई कार्य समय पर पूरा हो सके। खाद-बीज वितरण में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सहकारी समितियों के साथ निजी विक्रेताओं की भी नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है। किसानों को नजदीक में ही आवश्यक सामग्री उपलब्ध हो, इसके लिए निजी दुकानों में भी पर्याप्त स्टॉक रखा गया है।
कालाबाजारी और नकली खाद-बीज पर रोक लगाने के लिए जिलास्तर पर विशेष जांच दल गठित किए गए हैं। मैदानी, विकासखंड और जिला स्तर के निरीक्षक लगातार निरीक्षण कर रहे हैं। किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। वैश्विक परिस्थितियों और उर्वरकों की उपलब्धता को देखते हुए प्रशासन ने वैकल्पिक व्यवस्थाओं पर भी फोकस बढ़ाया है। किसानों को नैनो यूरिया और नैनो डीएपी के उपयोग के लिए प्रेरित किया जा रहा है, ताकि रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम हो सके। इसके साथ ही हरी खाद के रूप में मूंग और ढैंचा फसल को बढ़ावा दिया जा रहा है। नील हरित काई, गोबर कंपोस्ट और वर्मी कंपोस्ट के उपयोग को लेकर भी किसानों को जागरूक किया जा रहा है। सुशासन तिहार और विकसित कृषि संकल्प अभियान के शिविरों में किसानों को संतुलित एवं टिकाऊ खेती की जानकारी दी जा रही है।
कृषि विभाग ने किसानों से केवल अधिकृत केंद्रों से खाद-बीज खरीदने और वैज्ञानिकों द्वारा निर्धारित संतुलित मात्रा में उर्वरकों का उपयोग करने की अपील की है। साथ ही किसी भी अनियमितता की जानकारी तत्काल कृषि विभाग या जिला नियंत्रण कक्ष को देने को कहा गया है। जिले के किसान संगठनों ने प्रशासन की तैयारियों की सराहना करते हुए उम्मीद जताई है कि इस खरीफ सीजन में किसानों को खाद-बीज की उपलब्धता को लेकर परेशानी नहीं होगी।
हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा

