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रिमझिम बारिश के बीच ग्राम घठुला में सजी बाल चौपाल 2.0, बच्चों ने सीखे अधिकार और सुरक्षा के गुर

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रिमझिम बारिश के बीच ग्राम घठुला में सजी बाल चौपाल 2.0, बच्चों ने सीखे अधिकार और सुरक्षा के गुर


रिमझिम बारिश के बीच ग्राम घठुला में सजी बाल चौपाल 2.0, बच्चों ने सीखे अधिकार और सुरक्षा के गुर


धमतरी, 28 जुलाई (हि.स.)। छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की पहल पर धमतरी से लगभग 85 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम घठुला के शासकीय हाईस्कूल में मंगलवार को रिमझिम बारिश के बीच बाल चौपाल 2.0 का आयोजन किया गया। मौसम की फुहारों के बावजूद बच्चों का उत्साह देखते ही बना। उन्होंने पूरे आत्मविश्वास के साथ आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा के समक्ष अपनी बात रखी और विभिन्न विषयों पर खुलकर संवाद किया।

कार्यक्रम के दौरान रोचक गतिविधियों और खेलों के माध्यम से बच्चों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया गया। सांप-सीढ़ी जैसे आकर्षक खेल के जरिए बाल अधिकारों की जानकारी दी गई, वहीं अच्छी आदतों को अपनाने और बुरी आदतों से दूर रहने का संदेश भी दिया गया। इसके साथ ही गुड टच–बैड टच, बाल विवाह, बाल श्रम, शिक्षा का अधिकार, बाल सुरक्षा तथा बच्चों से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।

इस अवसर पर डॉ. वर्णिका शर्मा ने कहा कि, जागरूक और सुरक्षित बच्चे ही विकसित समाज की सबसे मजबूत नींव हैं तथा प्रत्येक बच्चे को अपने अधिकारों की जानकारी होना आवश्यक है। उन्होंने बच्चों से किसी भी प्रकार के शोषण, हिंसा या गलत व्यवहार के खिलाफ निडर होकर आवाज उठाने की अपील करते हुए मन लगाकर पढ़ाई करने, अपने सपनों को साकार करने के लिए निरंतर मेहनत करने, डिजिटल माध्यमों का सुरक्षित उपयोग करने और किसी भी समस्या की जानकारी अपने माता-पिता, शिक्षकों अथवा संबंधित अधिकारियों को देने का आग्रह किया। कार्यक्रम में विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं, छात्र-छात्राएं एवं बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण उपस्थित रहे। बाल चौपाल 2.0 के माध्यम से बच्चों में जागरूकता, आत्मविश्वास और बाल अधिकारों के प्रति समझ विकसित करने का सार्थक प्रयास किया गया।

हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा