साय राज में जब एसडीएम-तहसीलदार पिट रहे हैं, तो कल कलेक्टर-एसपी की बारी होगी : अमरजीत भगत
अंबिकापुर, 28 मई (हि.स.)। छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के सीतापुर विधानसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी के विधायक रामकुमार टोप्पो और उनके समर्थकों के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा डालने और नायब तहसीलदार तुषार मानिकपुरी से सरेराह मारपीट करने के आरोप में गंभीर गैर-जमानती धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया गया है।
इस पूरे बवाल पर पूर्व खाद्य मंत्री अमरजीत भगत ने विष्णुदेव साय सरकार के सुशासन पर बड़ा हमला बोला है। पूर्व मंत्री अमरजीत भगत ने दो टूक शब्दों में कहा है कि साय सरकार के तथाकथित सुशासन में अब कानून के रखवाले और प्रशासनिक अधिकारी ही सरेआम पिट रहे हैं। एसडीएम के सामने तहसीलदार से मारपीट की यह घटना सरासर अन्याय है और यदि मान-सम्मान व प्रशासनिक गरिमा को बनाए रखना है, तो इस गुंडागर्दी के खिलाफ तत्काल सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
पूर्व मंत्री अमरजीत भगत ने विधायक रामकुमार टोप्पो पर तीखा निशाना साधते हुए कहा कि इस पूरे मामले में सबसे आपत्तिजनक बात यह है कि मारपीट की इस घटना में खुद क्षेत्र के विधायक का नाम सामने आ रहा है। उन्होंने नसीहत देते हुए कहा कि जब कोई भी व्यक्ति जनप्रतिनिधि बनता है, तो उसे नियम-प्रक्रिया और प्रशासनिक मर्यादा का ध्यान रखना चाहिए। अगर अधिकारी या कर्मचारी काम नहीं कर रहे हैं, तो लोकतंत्र में एक तय प्रक्रिया होती है, आप उनका स्थानांतरण करवाइए, उन्हें निलंबित करवाइए; लेकिन सरेआम सड़क पर इस तरह 'सिंघम स्टाइल' में मारपीट करना कौन सी प्रशासनिक प्रक्रिया है?
भगत ने इस दौरान प्रशासनिक लापरवाही पर भी गंभीर सवाल उठाए और कहा कि विधायक रामकुमार टोप्पो द्वारा मारपीट की यह कोई पहली घटना नहीं है, इससे पूर्व भी वे तीन-चार बार ऐसी घटनाओं को अंजाम दे चुके हैं। पूर्व में हुई घटनाओं पर कार्रवाई करने के बजाय हर बार मामले को आपसी समझौते से रफा-दफा करने का प्रयास किया गया, जिसका नतीजा आज सबके सामने है। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि आज अगर एसडीएम और तहसीलदार पिट रहे हैं, तो वह दिन दूर नहीं जब आने वाले समय में जिले के कलेक्टर और एसपी भी ऐसी हिंसक घटनाओं के शिकार हो जाएंगे।
गौरतलब है कि यह पूरा विवाद उस समय कानूनी और राजनीतिक जंग में तब्दील हो गया जब अंबिकापुर कोतवाली पुलिस ने सीतापुर तहसील के अंतर्गत उप तहसील राजापुर में पदस्थ नायब तहसीलदार तुषार मानिकपुरी की लिखित शिकायत पर शून्य (जीरो) पर प्राथमिकी कायम की है।
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हिन्दुस्थान समाचार / पारस नाथ सिंह

