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अक्षय तृतीया पर गजकेसरी योग का शुभ संयोग, बाजार में रौनक बढ़ी

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अक्षय तृतीया पर गजकेसरी योग का शुभ संयोग, बाजार में रौनक बढ़ी


धमतरी, 13 अप्रैल (हि.स.)। इस वर्ष अक्षय तृतीया पर्व खास शुभ संयोग के साथ मनाया जाएगा। 19 अप्रैल को पड़ने वाले इस पर्व पर गजकेसरी योग का निर्माण हो रहा है, जिसे ज्योतिषीय दृष्टि से अत्यंत मंगलकारी माना जाता है। इस विशेष योग के चलते लोगों में उत्साह दोगुना हो गया है और शहर के बाजारों में अभी से रौनक नजर आने लगी है।

पर्व को ध्यान में रखते हुए बाजार सज चुके हैं। खासकर बच्चों के बीच मिट्टी के गुड्डा-गुड्डी की खरीदारी धीरे-धीरे शुरू हो गई है। स्थानीय विक्रेता प्रमिला बाई, सोहद्रा कुंभकार, कुंती बाई, धनेश्वरी और हेमलता कुंभकार ने बताया कि अक्षय तृतीया पर बच्चे पारंपरिक रूप से गुड्डा-गुड्डी का विवाह रचाते हैं। इसके लिए वे घर के आंगन में मंडप सजाकर चुलमाटी, तेल, मायन जैसी रस्में निभाते हैं। हालांकि अभी खरीदारी सीमित है, लेकिन पर्व के दो दिन पहले बाजारों में पूरी रौनक देखने को मिलती है। मिट्टी के गुड्डा-गुड्डी, मौर और छोटे कलश की मांग बढ़ जाती है। इस पारंपरिक आयोजन में बड़े भी बच्चों के साथ शामिल होकर उनका उत्साह बढ़ाते हैं। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, इस बार चंद्रमा और गुरु की अनुकूल स्थिति से गजकेसरी योग बन रहा है, जो धन, सफलता और खुशहाली में वृद्धि का संकेत देता है।

विप्र विद्वत परिषद के अध्यक्ष पंडित बालेन्द्र पाण्डेय और मीडिया प्रभारी पंडित राजकुमार तिवारी ने बताया कि बैसाख शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि 19 अप्रैल को होने से इसी दिन पर्व मनाना श्रेष्ठ है। इस दिन जप, तप और दान का विशेष महत्व है। किसान भी इस दिन ठाकुर देवता की पूजा कर धान अर्पित कर खेती की शुरुआत करते हैं, जबकि देवलग्न होने से बड़ी संख्या में विवाह भी संपन्न होते हैं।

हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा