लैब टेक्नीशियन के अभाव में जूझ रहा अकलाडोंगरी पीएचसी, 32 गांव प्रभावित
धमतरी, 24 फ़रवरी (हि.स.)।विकासखंड धमतरी के दूरस्थ और आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र में संचालित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अकलाडोंगरी (डुबान) में लैब टेक्नीशियन का पद लंबे समय से रिक्त होने के कारण 32 गांवों के ग्रामीणों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने जल्द से जल्द यहां लैब टेक्नीशियन की मांग की है ताकि उपचार बेहतर ढंग से हो सके।
जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत कोड़ेगांव (रैय्यत) सरपंच लक्ष्मी शोरी ने अब तक कई बार मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री, सांसद महासमुंद, विधायक धमतरी एवं कलेक्टर धमतरी को ज्ञापन सौंपकर तत्काल नियुक्ति की मांग की है, लेकिन नतीजा शून्य है। जानकारी के अनुसार यह स्वास्थ्य केंद्र जिला मुख्यालय से लगभग 65 किलोमीटर दूर स्थित है और आसपास के ग्रामीण पूरी तरह इसी केंद्र पर निर्भर हैं। लैब सुविधा उपलब्ध नहीं होने से खून, मलेरिया, डेंगू, टायफाइड, शुगर और एनीमिया जैसी बीमारियों की जांच समय पर नहीं हो पा रही है। जांच के लिए मरीजों को चारामा, कांकेर या धमतरी जाना पड़ता है, जिससे आर्थिक बोझ और समय की बर्बादी होती है। कई मामलों में तो मरीजों को एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल रेफर किया जाता है, जिससे उपचार में देरी होती है।
उपचार में देरी होने से मरीज के साथ मरीज के स्वजनों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है, यदि समय रहते इलाज ना मिले तो स्थिति गंभीर भी बन जाती है। इस संबंध में ग्राम पंचायत कोड़ेगांव (रैय्यत) सरपंच लक्ष्मी शोरी ने बताया कि जनहित को देखते हुए अकलाडोंगरी पीएचसी में शीघ्र लैब टेक्नीशियन की नियुक्ति करने के संबंध में शासन- प्रशासन से मांग की गई है। यदि यहां लैब टेक्नीशियन की नियुक्ति हो जाती है तो 32 गांव के लोगों को राहत मिलेगी।
शिक्षक राजेश यादव का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थिति को बेहतर करने का प्रयास जल्द से जल्द होना चाहिए। शहर की तरह ही गांव में स्थित स्वास्थ्य केंद्रों में व्यवस्था दुरुस्त होगी, तो जरूरतमंदों को राहत मिलेगी। युवा नेता कुलेश्वर देवांगन ने कहा कि अस्पताल में बेहतर सुविधा देने के लिए हर संभव प्रयास किया जाना चाहिए ताकि मरीजों को इसका लाभ मिल सके। महेश सिन्हा ने कहा कि ग्रामीणों को स्वास्थ्य लाभ देने के लिए जल्द से जल्द यहां पर लैब टेक्नीशियन की नियुक्ति की जानी चाहिए।
हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा

