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कृषि मंत्री ने की बस्तर संभाग के तीन जिलों की कृषि, मत्स्य एवं पशुपालन की समीक्षा

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कृषि मंत्री ने की बस्तर संभाग के तीन जिलों की कृषि, मत्स्य एवं पशुपालन की समीक्षा


बीजापुर, 02 जुलाई (हि.स.)। कृषि मंत्री रामविचार नेताम और सांसद बस्तर महेश कश्यप ने जिला कार्यालय के सभाकक्ष में आज गुरूवार काे बस्तर संभाग के बीजापुर, दंतेवाड़ा और सुकमा जिलों में संचालित कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन एवं मत्स्य पालन विभाग की योजनाओं की संयुक्त समीक्षा बैठक ली। बैठक में विभागीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, किसानों की आय में वृद्धि तथा शासन की योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र हितग्राही तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए।

समीक्षा के दौरान सिंचाई सुविधाओं के विस्तार, नलकूप एवं कूप निर्माण, तिलहन, दलहन, मक्का, कोदो-कुटकी, हल्दी और गन्ने जैसी फसलों के उत्पादन को बढ़ावा देने पर चर्चा की गई। पार्लर प्रोजेक्ट के तहत हल्दी की खेती, नारियल एवं ऑयल पाम के पौधारोपण तथा उद्यानिकी लक्ष्यों की भी समीक्षा की गई। बीजापुर जिले में मक्का उत्पादन में हुई उल्लेखनीय वृद्धि की सराहना करते हुए किसानों को आधुनिक कृषि तकनीक अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। बैठक में विभागीय भूमि के बेहतर उपयोग, रबी फसलों विशेषकर गेहूं की उत्पादकता बढ़ाने, गुणवत्तापूर्ण बीज वितरण, बीज उत्पादन कार्यक्रम, जैविक खेती तथा दलहन-तिलहन मिशन के प्रभावी संचालन पर भी जोर दिया गया। दंतेवाड़ा जिले में पिछले सात वर्षों से सफलतापूर्वक संचालित जैविक खेती मॉडल को अन्य क्षेत्रों में भी अपनाने के निर्देश दिए गए।

अधिकारियों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना से वंचित किसानों को जोडऩे, सभी किसानों की फार्मर आईडी तैयार करने तथा नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के पात्र किसानों तक योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही केंद्र एवं राज्य सरकार की किसान हितैषी योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार करने पर भी बल दिया गया। पशुपालन विभाग की समीक्षा के दौरान पशुधन पोर्टल, टीकाकरण, मोबाइल वेटनरी यूनिट, राष्ट्रीय गोकुल मिशन, बकरी पालन, सूकर पालन एवं उन्नत मादा पालन योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। अधिकारियों को सभी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने तथा लापरवाही बरतने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई।

मत्स्य पालन विभाग की समीक्षा में हैचरी विस्तार, मछली एवं झींगा पालन को बढ़ावा देने, किसान क्रेडिट कार्ड, एनएफडीपी पंजीयन तथा विभागीय योजनाओं की प्रगति पर चर्चा की गई। अधिकारियों को मत्स्य पालकों तक योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचाने और निर्धारित लक्ष्यों को समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए गए।बैठक में बस्तर संभाग के बीजापुर, दंतेवाड़ा एवं सुकमा जिलों के कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन एवं मत्स्य पालन विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / राकेश पांडे