बलरामपुर : अल-नीनो की आशंका पर कृषि विभाग की एडवाइजरी जारी
बलरामपुर, 30 जून (हि.स.)। आज मंगलवार को कृषि विभाग ने संभावित अल-नीनो और कम वर्षा की आशंका को देखते हुए किसानों के लिए विस्तृत कृषि एडवाइजरी जारी की। विभाग ने मौसम के अनुसार खेती करने और धान के बजाय कम पानी वाली फसलों को अपनाने की सलाह दी है।
कृषि विभाग ने बताया कि वर्ष 2026 में मानसून के देर से आने, सामान्य से कम बारिश और सूखे जैसी स्थिति बनने की संभावना है। ऐसे में किसानों को वर्षा शुरू होने से पहले खेतों की तैयारी, गहरी जुताई और मेड़बंदी का काम पूरा करने की सलाह दी गई है। साथ ही कम और मध्यम अवधि में पकने वाली फसल किस्मों का चयन करने को कहा गया है।
विभाग ने धान की सीधी बुवाई (डीएसआर) तकनीक अपनाने की सलाह दी है। इस तकनीक से पानी की बचत होती है, लागत कम आती है और फसल जल्दी तैयार होती है। ऊंची भूमि पर धान की जगह अरहर, मूंग, उड़द, तिल, सोयाबीन, मूंगफली और अन्य दलहनी-तिलहनी फसलें लगाने की सलाह दी गई है।
किसानों को बुवाई से पहले बीजोपचार करने, जैव उर्वरकों का उपयोग करने और जरूरत के अनुसार पुनः बुवाई करने की भी सलाह दी गई है। सूखे की स्थिति में मल्चिंग अपनाने, वर्षा जल का अधिक से अधिक संरक्षण करने तथा ड्रिप और स्प्रिंकलर जैसी सूक्ष्म सिंचाई पद्धतियों का उपयोग करने पर जोर दिया गया है।
कृषि विभाग ने बताया कि कृषक उन्नति योजना के तहत धान के स्थान पर दलहन, तिलहन, मक्का या अन्य कम पानी वाली फसलें लगाने पर किसानों को 15 हजार रुपये प्रति एकड़ की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।
यदि किसान धान की खेती करना चाहते हैं तो आईआर-64 और एमटीयू-1010 जैसी शीघ्र पकने वाली किस्मों का चयन करने की सलाह दी गई है। विभाग ने किसानों से मौसम पूर्वानुमान के अनुसार खेती करने और किसी भी समस्या की स्थिति में नजदीकी कृषि कार्यालय या कृषि विज्ञान केंद्र से संपर्क करने की अपील की है।
हिन्दुस्थान समाचार / विष्णु पांडेय

