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तीन दशक बाद लबालब हुआ मकई तालाब, भूजल स्तर में भी सुधार

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तीन दशक बाद लबालब हुआ मकई तालाब, भूजल स्तर में भी सुधार


बरसाती पानी से छलका सरोवर, जल चिड़ियों की चहचहाहट से लौटी रौनक

धमतरी, 07 सितंबर (हि.स.)। शहर के हृदय स्थल में स्थित मकई तालाब करीब तीन दशक बाद एक बार फिर बरसाती पानी से लबालब हो गया है। तालाब का जलस्तर उलटने की स्थिति तक पहुंचने से आसपास के लोगों में खुशी का माहौल है। सुबह के समय जल चिड़ियों की चहचहाहट और उनकी चहल-कदमी से सरोवर का नजारा मनमोहक हो गया है।

तालाब में पानी भरने का असर आसपास के क्षेत्र के भूमिगत जलस्तर पर भी दिखाई देने लगा है। नगर निगम लोक निर्माण विभाग के अध्यक्ष एवं आमापारा वार्ड के पार्षद विजय मोटवानी के प्रयास से बालक चौक से तालाब तक ह्यूम पाइप बिछाकर बरसाती पानी को तालाब तक पहुंचाने की व्यवस्था की गई। लगातार किए गए प्रयासों का असर अब साफ दिखाई देने लगा है। बारिश का पानी तालाब तक पहुंचने से सूखने की कगार पर पहुंच चुका यह सरोवर फिर पानी से भर गया है। इसे शहर में जल संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

नगर निगम द्वारा मकई तालाब का नाम स्व. हनुमान प्रसाद मिश्रा सरोवर किया गया है। कभी सालभर पानी से भरे रहने वाले इस तालाब के सूखने से इसका प्राकृतिक स्वरूप प्रभावित हो गया था, लेकिन अब बरसाती पानी से लबालब होने के बाद यहां फिर से जल चिड़ियों की आवाजाही शुरू हो गई है। सुबह मॉर्निंग वॉक के लिए पहुंचने वाले लोगों को चिड़ियों की चहचहाहट और तालाब का सुंदर दृश्य खासा आकर्षित कर रहा है। तालाब के भरने का असर आसपास के घनी आबादी वाले क्षेत्र में भी दिखाई देने लगा है।

वार्डवासी तीरथ सिंह, उयमराम साहू, चैतराम, सुलोचना बाई और कमलेश कुंजाम सहित अन्य लोगों ने साेमवार काे बताया कि तालाब में पानी आने के बाद उनके घरों के हैंडपंप और मोटरपंप का वाटर लेवल काफी ऊपर आ गया है। इससे निस्तारी सहित अन्य जरूरतों के लिए पानी की समस्या कम हुई है। लोगों का कहना है कि तालाब के भरने से क्षेत्र की सुंदरता भी बढ़ी है और आसपास का वातावरण पहले की तुलना में अधिक आकर्षक हो गया है। तीन दशक बाद पानी से लबालब हुए मकई तालाब ने न केवल शहर की प्राकृतिक खूबसूरती को लौटाया है, बल्कि जल संरक्षण और भूजल संवर्धन की दिशा में भी नई उम्मीद जगाई है।

हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा