शिक्षा समिति की बैठक में शैक्षणिक गुणवत्ता व स्कूलों की व्यवस्था पर हुई चर्चा
जगदलपुर, 27 जुलाई (हि.स.)। जिला पंचायत के सभागार में आज सोमवार को शिक्षा समिति के सभापति बलदेव मंडावी की अध्यक्षता में आयोजित शिक्षा समिति की बैठक में जिले की शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने और शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार लाने हेतु कई अहम मुद्दों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। बैठक के दौरान जिले की शिक्षा प्रणाली से जुड़े विभिन्न व्यावहारिक और प्रशासनिक पहलुओं की समीक्षा की गई।इसी क्रम में एकल शिक्षकीय एवं शिक्षक विहीन शालाओं की स्थिति पर विशेष चर्चा करते हुए, संलग्नीकरण समाप्त होने के बाद शिक्षकों को उनकी मूल शालाओं में वापस भेजने के निर्देशों पर विचार किया गया। इसके साथ ही जिले के मरम्मत योग्य शाला भवनों की स्थिति की समीक्षा कर उनके आवश्यक सुधार एवं रखरखाव पर जोर दिया गया।
वहीं योजनाओं और शैक्षणिक प्रक्रियाओं की समीक्षा करते हुए स्वामी आत्मानंद विद्यालयों में नियमानुसार पारदर्शी प्रवेश प्रक्रिया तथा 'सरस्वती साइकिल योजना' के अंतर्गत बालिकाओं को मिली साइकिलों के उपयोग से शाला आगमन को प्रोत्साहित करने पर बल दिया गया। सामुदायिक सहभागिता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शाला प्रबंधन समिति के पुनर्गठन और उनकी नियमित बैठकों के आयोजन पर भी चर्चा हुई। वहीं विद्यार्थियों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए आश्रम तथा छात्रावासों में बच्चों का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण करने सहित मौसमी बीमारियों से बचाव एवं पर्याप्त मच्छरदानी की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
शैक्षणिक गुणवत्ता पर केंद्रित चर्चा के दौरान जिला शिक्षा अधिकारी बीआर बघेल ने आगामी सत्र 2026-27 के लिए शिक्षा विभाग द्वारा तैयार की गई विशेष कार्ययोजना की जानकारी दी। उन्होंने उपस्थित सदस्यों को अवगत कराया कि शत-प्रतिशत परीक्षा परिणाम हासिल करने और विद्यार्थियों के सीखने के स्तर को बेहतर बनाने के लिए सार्थक प्रयास किए जा रहे हैं।
इस बैठक में जिला पंचायत सदस्य बनवासी मौर्य, कामदेव बघेल, श्रीमती शकुंतला कश्यप एवं श्रीमती ललिता कश्यप सहित विभागीय अधिकारियों में डीएमसी अशोक पांडे, एडीपीओ श्रीमती जयंती कश्यप, एपीसी राकेश खापर्डे समेत सभी विकासखंडों के विकासखंड शिक्षा अधिकारी एवं खंड स्रोत समन्वयक उपस्थित थे।
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हिन्दुस्थान समाचार / राकेश पांडे

