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शारदीय नवरात्र पर धमतरी के शक्तिस्थलों में उमड़ा आस्था का सैलाब

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शारदीय नवरात्र पर धमतरी के शक्तिस्थलों में उमड़ा आस्था का सैलाब


शारदीय नवरात्र पर धमतरी के शक्तिस्थलों में उमड़ा आस्था का सैलाब


धमतरी , 11 अक्टूबर (हि.स.)। मां शीतला माता मंदिर में श्रद्धालु दर्शन-पूजन के लिए पहुंच रहे हैं। माता के चरणों में शीश नवाकर भक्त परिवार की सुख-समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य, खुशहाली और मनोकामना पूर्ति की प्रार्थना कर रहे हैं।

जिले के ये धार्मिक स्थल केवल आस्था के केंद्र ही नहीं, बल्कि लोकपरंपराओं, सांस्कृतिक विरासत और जनविश्वास के भी प्रतीक हैं। नवरात्र के दौरान मंदिरों में पूजा-अर्चना, ज्योति प्रज्वलन और धार्मिक अनुष्ठानों से वातावरण भक्तिमय हो रहा है। श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए प्रशासन एवं पुलिस द्वारा आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं।

धमतरी शहर के हृदयस्थल में स्थित मां विंध्यवासिनी मंदिर को बिलाई माता मंदिर के नाम से भी जाना जाता है। जिले के प्राचीन और प्रतिष्ठित धार्मिक स्थलों में शामिल इस मंदिर के प्रति श्रद्धालुओं की गहरी आस्था है। जनश्रुति के अनुसार, यहां माता की प्रतिमा स्वयंभू रूप में प्रकट हुई थी। मंदिर के नाम से जुड़ी लोककथा में बिल्लियों का उल्लेख मिलता है, जिसके कारण माता को बिलाई माता कहा जाने लगा। इन दिनों बड़ी संख्या में श्रद्धालु माता के दर्शन कर परिवार की मंगलकामना, सुख-शांति और समृद्धि की प्रार्थना के लिए पहुंच रहे हैं। मंदिर परिसर में स्थित ऐतिहासिक बावली भी इसकी प्राचीन धार्मिक परंपरा और विरासत की विशेष पहचान है।

मां अंगारमोती मंदिर : 52 गांवों की सामूहिक आस्था का केंद्र

गंगरेल बांध के समीप प्राकृतिक वातावरण में स्थित मां अंगारमोती मंदिर जिले के प्रसिद्ध शक्तिस्थलों में शामिल है। आसपास के ग्रामीणों की माता के प्रति गहरी श्रद्धा है। विवाह सहित विभिन्न शुभ अवसरों और नए कार्यों की शुरुआत से पहले श्रद्धालु माता के दरबार में पहुंचकर आशीर्वाद लेते हैं। मंदिर का इतिहास गंगरेल बांध के निर्माण और डूबान क्षेत्र में आए गांवों की स्मृतियों से भी जुड़ा है। नवरात्र में श्रद्धालु माता से सुख-समृद्धि, परिवार की खुशहाली और जीवन की बाधाओं से मुक्ति की कामना करते हैं।

हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा