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दशहरा में दिखा उत्साह, जला 45 फ़ीट का रावण

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दशहरा में दिखा उत्साह, जला 45 फ़ीट का रावण


दशहरा में दिखा उत्साह, जला 45 फ़ीट का रावण


दशहरा में दिखा उत्साह, जला 45 फ़ीट का रावण


दशहरा में दिखा उत्साह, जला 45 फ़ीट का रावण


धमतरी, 20 अक्टूबर (हि.स.)। असत्य पर सत्य की जीत का पर्व दशहरा 20 अक्टूबर को परंपरागत ढंग से मनाया गया। नगर निगम प्रशासन की ओर से 45 फीट ऊंचे पुतले को जैसे ही दहन किया गया, डा शोभाराम देवांगन शासकीय उमावि स्थित स्व. विष्णु हिरवानी एकलव्य खेल मैदान (रामलीला मैदान) जय-जयश्रीराम की जयघोष से गूंज उठा।

पुतला दहन के बाद विभिन्न प्रकार के पटाखों की आतिशबाजी से दर्शकों का मनोरंजन हुआ रंग-बिरंगी आतिशबाजी को देखने दर्शन देर शाम तक डटे रहे। आकर्षक आतिशबाजी में पांच सितारा और नवरंग चक्कर, बिन बादल बरसात, नीली बरसात, सूरजमुखी अनार, झाड़ू झरना, 120 शाट और 60 शाट के आसमानी गोले, गोल्डन और नूरानी सेहरा, झूला चक्र तथा कैलाश मंडल जैसे पटाखे आकर्षण का केंद्र रहे।

विजयदशमी का पर्व दशहरा परंपरागत ढंग से मनाया गया। नगर निगम प्रशासन की ओर से 45 फीट ऊंचे पुतले को जैसे ही दहन किया गया, एकलव्य खेल मैदान जय-जयश्रीराम की जयघोष से गूंज उठा। इस अवसर पर सैकड़ों लोगों ने अपने अंदर की बुराई को त्याग कर आदर्श जीवन जीने का संकल्प लिया। मंगलवार को शहर समेत अंचल में दशहरा पर्व हर्षाेल्लास के साथ मनाया गया। शहर में रावण दहन का मुख्य कार्यक्रम नगर निगम की ओर से शाम साढ़े सात बजे विंध्यवासिनी वार्ड स्थित एकलव्य खेल मैदान में हुआ। इसके पूर्व ग्राम अछोटा की रामलीला मंडली के कलाकारों ने शोभायात्रा निकालकर भगवान श्रीरामचन्द्र दरबार की पूजा-अर्चना की। इसके बाद रामलीला का मंचन किया गया। लगभग डेढ़ घंटे तक चली लीला मंचन में कलाकारों ने सीता हरण, हनुमान जी द्वारा संजीवनी बूटी लाने, कुंभकर्ण वध के बाद भगवान श्रीराम और रावण वध का लीला मंचन किया, जिसे देखने के लिए सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे। नाटक में भगवान श्रीराम ने रावण का जैसे ही रावण का वध किया। कार्यक्रम स्थल जय-जयश्रीराम के जयघोष से गूंज उठा। इसके बाद 45 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया गया। आकर्षक आतिशबाजी के बाद कार्यक्रम का समापन हुआ। पुलिस प्रशासन की ओर से विशेष सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। लोगों की सुरक्षा के मद्देनजर कड़ी निगरानी की गई। दशहरा पर्व के लिए पुलिस लाइन समेत आसपास थानों के जवान भी ड्यूटी पर तैनात थे।

शहर से लगे ग्राम लोहरसी, मुजगहन, आमदी, पोटियाडीह, कोलियारी, अछोटा, अर्जुनी, खपरी, भानपुरी, श्यामतराई में भी दशहरा पर्व धूमधाम से मनाया गया। अहंकार रूपी रावण का पुतला दहन कर सत्य के रास्ते पर चलने का संकल्प लिया। विभिन्न समितियों ने रामलीला का भी प्रदर्शन किया। इस मौके पर बड़ी संख्या लोग मौजूद थे।

मालूम हो कि नगर के इतिहास में दशहरा उत्सव के आयोजन स्थल में पहली बार बदलाव किया गया है। पिछले लगभग 75 वर्षों से बिलाई माता मंदिर के पास स्थित रामलीला मैदान यानी गौशाला मैदान में रावण दहन की परंपरा चली आ रही थी। मैदान में जगह की कमी और दर्शकों को होने वाली असुविधा को देखते हुए नगर निगम ने इस बार आयोजन स्थल बदलने का निर्णय लिया गया।

धमतरी विधायक ओंकार साहू ने कहा कि असत्य पर सत्य की विजय का यह पर्व हमें अपनी बुराई को दूर करने की सीख देता है। महापौर रामू रोहरा ने कहा कि दशहरा सत्य की विजय और बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। रावण दहन हमें संदेश देता है कि बुराई कितनी भी शक्तिशाली क्यों न हो, अंत में जीत सत्य की ही होती है। सुरक्षा और दर्शकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए आयोजन स्थल बदला गया है। कार्यक्रम में निगम सभापति कौशल्या देवांगन सहित अन्य गणमान्य नागरिक मौजूद थे।

हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा