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बारिश से बर्बाद फसल का आकलन करने खेतों में उतरे बीमा कंपनी के 40 कर्मचारी

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बारिश से बर्बाद फसल का आकलन करने खेतों में उतरे बीमा कंपनी के 40 कर्मचारी


बारिश से बर्बाद फसल का आकलन करने खेतों में उतरे बीमा कंपनी के 40 कर्मचारी


कृषि विभाग के आरईओ भी कर रहे सर्वे, नुकसान का आकलन पूरा होने के बाद सामने आएगी प्रभावित रकबे की तस्वीर

धमतरी, 01 नवंबर (हि.स.)। अर्नब चक्रवात के प्रभाव से 27 से 29 अक्टूबर के बीच हुई लगातार बारिश ने जिले के किसानों की चिंता बढ़ा दी है। खेतों में पकने की कगार पर पहुंची धान की फसल पानी और तेज हवाओं के कारण जमीन पर बिछ गई है। फसलों को हुए नुकसान का आकलन करने कृषि विभाग ने सर्वे शुरू करा दिया है। विभाग के ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी (आरईओ) अपने-अपने क्षेत्रों में खेतों का निरीक्षण कर रहे हैं। वहीं बीमा कंपनी के करीब 40 कर्मचारी भी फसल क्षति का आकलन करने में जुटे हैं।

कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने खेतों में जाकर फसलों की स्थिति का जायजा लेने और नुकसान का सर्वे करने कृषि विभाग को निर्देश दिए थे। बंगाल की खाड़ी से उठे अर्नब चक्रवात का असर जिले के सभी क्षेत्रों में देखने को मिला। बारिश के चलते खेतों में पानी भर गया और धान की फसल चटाई की तरह जमीन पर बिछ गई। किसान खेतों से पानी निकालकर मौसम खुलने पर फसल को बचाने की कोशिश कर रहे हैं। जिले में करीब 1 लाख 38 हजार हेक्टेयर कृषि रकबे में 1 लाख 58 हजार किसान खेती करते हैं। इनमें एक लाख 39 हजार किसानों ने धान बेचने के लिए पंजीयन कराया है। वहीं 73 हजार 587 किसानों ने खेती के लिए 355 करोड़ 9 लाख 61 हजार रुपये का ऋण लिया है। ऐसे में फसल खराब होने पर किसानों के सामने कर्ज चुकाने की चुनौती भी खड़ी हो सकती है।

कृषि विभाग के उपसंचालक मोनेश साहू ने बताया कि विभाग के आरईओ अपने क्षेत्रों में फसल क्षति का सर्वे कर रहे हैं। बीमा कंपनी के कर्मचारी भी खेतों में पहुंचकर नुकसान का आकलन कर रहे हैं। सर्वे पूरा होने के बाद प्रभावित रकबे और फसल क्षति की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी। बीमित फसलों में नुकसान की पुष्टि होने पर नियमानुसार बीमा कंपनी से क्षतिपूर्ति मिल सकेगी। फिलहाल सर्वे का काम जारी है।

हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा