25 किसानों ने 35 एकड़ में बदली खेती की तस्वीर, समेकित खेती से समृद्धि की ओर कदम
धमतरी, 23 सितंबर (हि.स.)। मगरलोड विकासखंड के ग्राम पंचायत केकराखोली में समेकित खेती के माध्यम से किसानों की आजीविका को मजबूत करने की पहल रंग ला रही है। वीबी-जी रामजी एवं उद्यानिकी विभाग के अभिसरण से संचालित समेकित फल उद्यान योजना के तहत गांव के 25 किसानों ने करीब 35 एकड़ भूमि को फलोद्यान एवं बहुफसली कृषि गतिविधियों से जोड़ा है।
इस पहल से किसानों को एक ही भूमि से वर्तमान और भविष्य की आय के विविध अवसर मिल रहे हैं। खेतों में आम और कटहल जैसे फलदार पौधों के साथ हल्दी, उड़द, करेला, बरबटी और करोंदा जैसी फसलों को लगाया गया है। इसके अलावा सतावर और सिंदूरी जैसे औषधीय पौधों को भी खेती का हिस्सा बनाया गया है। फलदार पौधों के बीच अंतरवर्ती फसलों की खेती से भूमि का बेहतर उपयोग हो रहा है और फलदार पौधों से उत्पादन शुरू होने तक अल्प अवधि की फसलों से किसानों को आय का अवसर मिल रहा है। योजना के तहत किसानों को फलदार पौधों के साथ फेंसिंग, बोरवेल और ग्रीन शेड हाउस जैसी सुविधाओं से भी जोड़ा गया है। इससे उद्यान क्षेत्र की सुरक्षा, सिंचाई और संरक्षित खेती की संभावनाएं मजबूत हुई हैं। विभिन्न विभागीय योजनाओं और संसाधनों के अभिसरण से किसानों को कृषि एवं उद्यानिकी गतिविधियों को व्यवस्थित ढंग से आगे बढ़ाने का अवसर मिला है।
ग्राम पंचायत में सात आजीविका डबरियों का विकास भी किया गया है, जो जल संरक्षण के साथ कृषि कार्यों और स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप मछली पालन जैसी अतिरिक्त आजीविका गतिविधियों के लिए आधार उपलब्ध करा रही हैं। केकराखोली में विकसित यह मॉडल फलोद्यान, बहुफसली खेती, संरक्षित कृषि, सिंचाई और जल संरक्षण को एक साथ जोड़ता है। इससे किसानों को अल्प अवधि की फसलों से वर्तमान आय के साथ फलदार पौधों से भविष्य में दीर्घकालिक आय की संभावनाएं मिल रही हैं। 25 किसानों द्वारा 35 एकड़ क्षेत्र में अपनाई गई यह पहल योजनाओं के प्रभावी अभिसरण और ग्रामीण आजीविका के सुदृढ़ीकरण का प्रेरक उदाहरण बनकर सामने आई है। यह प्रयास किसानों को पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर अपनी भूमि और उपलब्ध संसाधनों को विविध एवं टिकाऊ आजीविका के साधन के रूप में विकसित करने के लिए प्रेरित कर रहा है। सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से समेकित प्रयासों का उद्देश्य किसानों की मेहनत, उपलब्ध संसाधनों और शासकीय योजनाओं को एक साथ जोड़कर ग्रामीण समृद्धि की मजबूत नींव तैयार करना है।
हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा

