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पीएम किसान सम्मान निधि की 18,690 करोड़ अंतरित, सीखे खेती के गुर

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पीएम किसान सम्मान निधि की 18,690 करोड़ अंतरित, सीखे खेती के गुर


जगदलपुर, 30 अक्टूबर (हि.स.)। कृषि एवं जैव प्रौद्योगिकी विभाग तथा कृषि विज्ञान केंद्र के संयुक्त तत्वावधान में कुम्हरावंड स्थित कृषि विज्ञान केंद्र परिसर में ‘प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि’ हस्तांतरण कार्यक्रम का सीधा प्रसारण आयोजित किया गया। गुजरात के बनासकांठा में आयोजित मुख्य राष्ट्रीय समारोह से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश भर के 09 करोड़ 34 लाख से अधिक लाभार्थी किसानों के बैंक खातों में डीबीटी के जरिए 18,690 करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे अंतरित की।

इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने कृषि अवसंरचना कोष के अंतर्गत विकसित 521 इकाइयों को राष्ट्र को समर्पित करने के साथ ही 12 हॉर्टीकल्चर क्लस्टर का शुभारंभ किया और देश भर के अन्नदाताओं को संबोधित किया। बस्तर में आयोजित इस जिलास्तरीय कार्यक्रम में सैकड़ों किसानों ने ऑनलाइन माध्यम से जुड़कर प्रधानमंत्री का प्रेरणादायी उद्बोधन सुना और कृषि क्षेत्र में नवाचार अपनाने का संकल्प लिया।

इस दौरान आरंभ में कृषि विभाग के उप संचालक राजीव श्रीवास्तव ने उपस्थित किसानों को उर्वरक खरीद के लिए अनिवार्य पंजीयन प्रक्रिया की विस्तार से जानकारी दी और मृदा परीक्षण रिपोर्ट के आधार पर ही संतुलित उर्वरकों के उपयोग पर विशेष बल दिया। इसके पश्चात प्रगतिशील कृषक योगेश सिंह ठाकुर ने खेतों में अंधाधुंध रासायनिक खादों और कीटनाशकों के प्रयोग से बचने, आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने तथा मिट्टी की उर्वरता व प्राकृतिक संतुलन बनाए रखने का आह्वान किया।

वहीं प्रगतिशील कृषक नील कुमार बघेल ने किसानों को खेती के साथ अनिवार्य रूप से पशुपालन अपनाने और जैविक पद्धतियों से खेती करने का परामर्श दिया। कार्यक्रम को आगे बढ़ाते हुए किसान मित्र मुरली सेठिया ने प्राकृतिक खेती की महत्ता को रेखांकित किया, जबकि पशु चिकित्सा सर्जन डॉ. आलोक भार्गव ने किसानों की आय में निरंतर वृद्धि के लिए कृषि एवं पशुपालन के समन्वित मॉडल को अपनाने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ कृषि विस्तार अधिकारी योगेंद्र ठाकुर के मार्गदर्शन में उपस्थित किसानों को तकनीकी प्रदर्शन हेतु उन्नत सरसों के बीजों का भी वितरण किया गया, ताकि वे आगामी रबी सीजन में बेहतर पैदावार प्राप्त कर सकें।

कृषि विज्ञान केंद्र, बस्तर के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. संतोष नाग के कुशल मार्गदर्शन में संपन्न हुए इस गरिमामय आयोजन में कृषक नन्द कुमार पाण्डेय, त्रिनाथ आचार्य, जयंती नेताम, सुनीता दास सहित केवीके के वैज्ञानिक डॉ. राहुल साहू, धर्मपाल केरकेट्टा, डॉ. वेंकटेश्वर जल्लारफ, डॉ. नीलम बंजारे, डॉ. सुन्ना दीप्ति, डॉ. कोमल गुप्ता, दुष्यंत पाण्डेय, श्वेता मण्डल, इंजीनियर कमल ध्रुव, दिनेश ध्रुव, कृषि विभाग से गुरु प्रसाद नेताम, इफ्को के जिला प्रबंधक लाल बहादुर सिंह, विक्रम भदौरिया एवं जिले के विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारियों और क्षेत्र के सैकड़ों कृषकों ने सक्रिय भागीदारी निभाई।

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हिन्दुस्थान समाचार / राकेश पांडे