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एनआईटी रायपुर के 17वें दीक्षांत समारोह में 1,364 विद्यार्थियों को मिली उपाधियां, 51 पदकों से मेधावी सम्मानित

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एनआईटी रायपुर के 17वें दीक्षांत समारोह में 1,364 विद्यार्थियों को मिली उपाधियां, 51 पदकों से मेधावी सम्मानित


एनआईटी रायपुर के 17वें दीक्षांत समारोह में 1,364 विद्यार्थियों को मिली उपाधियां, 51 पदकों से मेधावी सम्मानित


एनआईटी रायपुर के 17वें दीक्षांत समारोह में 1,364 विद्यार्थियों को मिली उपाधियां, 51 पदकों से मेधावी सम्मानित


- केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी ने सात अत्याधुनिक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का शुभारंभ किया

रायपुर, 3 नवंबर (हि. स.)। राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) रायपुर का 17वां दीक्षांत समारोह मंगलवार को पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित हुआ।

समारोह में केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर कुल 1,364 विद्यार्थियों को स्नातक, स्नातकोत्तर एवं पीएचडी की उपाधियां प्रदान की गईं। वहीं, उत्कृष्ट शैक्षणिक प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को 25 स्वर्ण, 25 रजत और एक संस्थान स्वर्ण पदक सहित कुल 51 पदकों से सम्मानित किया गया। बीटेक कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग की छात्रा आत्मिका गांगेली ओवरऑल टॉपर रहीं।

केंद्रीय मंत्री रेड्डी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि, विकसित भारत के निर्माण में युवा इंजीनियरों, वैज्ञानिकों और नवाचारकर्ताओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। युवाओं को देश की चुनौतियों को अवसर के रूप में स्वीकार करते हुए आधुनिक तकनीक, अनुसंधान और नवाचार के माध्यम से राष्ट्र की प्रगति में योगदान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और उन्नत विनिर्माण तकनीक भविष्य की अर्थव्यवस्था के प्रमुख आधार होंगे।

समारोह का प्रमुख आकर्षण संस्थान में सात अत्याधुनिक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का शुभारंभ रहा। ये केंद्र आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, महत्वपूर्ण खनिज, कम्प्यूटेशनल मैकेनिक्स, अंतरिक्ष अनुसंधान, ग्रामीण एवं जनजातीय स्वास्थ्य, एयरोस्पेस तथा नैनोसाइंस और सतत ऊर्जा के क्षेत्र में अनुसंधान एवं नवाचार को बढ़ावा देंगे।

रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने महत्वपूर्ण खनिजों के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता हासिल करने के लिए स्वदेशी अनुसंधान और तकनीक विकसित करने पर जोर दिया। वहीं, सीएसआईआर की महानिदेशक डॉ. एन. कलैसेल्वी ने कोयले की मूल्य श्रृंखला को अधिक उपयोगी बनाने तथा पर्यावरण अनुकूल तकनीकों के विकास की आवश्यकता बताई।

संस्थान के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के अध्यक्ष डॉ. सुरेश हावरे ने विद्यार्थियों से आधुनिक तकनीक के साथ बुनियादी वैज्ञानिक ज्ञान मजबूत रखने का आह्वान किया।

निदेशक प्रो. एन. वी. रमण राव ने संस्थान की उपलब्धियां बताते हुए कहा कि वर्ष 2026 के बैच को 821 प्लेसमेंट ऑफर मिले हैं तथा सर्वोच्च वार्षिक पैकेज 60 लाख रुपये रहा है। संस्थान के 18 संकाय सदस्यों और चार विद्यार्थियों को स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय की विश्व के शीर्ष दो प्रतिशत वैज्ञानिकों की सूची में स्थान मिला है।

समारोह में बड़ी संख्या में प्राध्यापक, अधिकारी, विद्यार्थी और अभिभावक उपस्थित रहे। राष्ट्रगान के साथ समारोह का समापन हुआ।

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हिन्दुस्थान समाचार / गायत्री प्रसाद धीवर