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लैम्प्स के अमरावती शाखा ने कर्ज माफी के बाद भी 12 आदिवासी किसानाें काे बनाया ऋणी

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लैम्प्स के अमरावती शाखा ने कर्ज माफी के बाद भी 12 आदिवासी किसानाें काे बनाया ऋणी


कोंडागांव, 20 अक्टूबर (हि.स.)। जिला सहकारी बैंक की लैम्प्स शाखा अमरावती में जनपद पंचायत माकड़ी के ग्राम पंचायत वनबेलगांव निवासी गोंड आदिवासी किसानों का कांग्रेस सरकार के कार्यकाल के दाैरान वर्ष 2021 में शासन की योजना के तहत ऋण माफ कर दिया गया था। आरोप है कि ऋण माफी के पश्चात लैम्प्स कर्मचारी रवि कुमार, आयतु एवं गुरबारू द्वारा 12 किसानों से उनके ऋण पुस्तिका (पट्टा), आधार कार्ड व बैंक पासबुक आदि दस्तावेज लिए गए।

इसके बाद किसानों को कोंडागांव लाकर जिला सहकारी बैंक से करीब 22 लाख रुपये का केसीसी (किसान क्रेडिट कार्ड) ऋण आहरित कर 12 आदिवासी किसानाें काे ऋणी बना दिया गया।

12 किसानों में फूलमन पिता सन्नू, लालो (पिता बुधराम), हुंगा (पिता कानू), मासो (पिता मुडरू), बुटलो (पिता जेमटू), आसनों (पिता बोंजा), मैतर (पिता बोटे), बोडा पिता हड़मो), तुलसी पिता हुंगो, गंगा पिता मड्डा ने बताया कि लैम्प्स कर्मचारी रवि कुमार, आयतु एवं गुरबारू द्वारा विश्वास में लेकर यह बताया गया कि उद्यानिकी विभाग से मिर्ची की खेती के लिए सरकारी सब्सिडी का पैसा दिलाया जाएगा। आरोप है कि बैंक से राशि निकलकर लैम्प्स कर्मियों ने पूरे पैसे अपने कब्जे में ले लिए और किसानों को ऋण मुक्त होने का झांसा देकर घर भेज दिया। किसान भी इस बात से बेखबर होकर निश्चिंत हो गए।

मामले का खुलासा तब हुआ जब वर्ष 2024-25 में किसानों को ऋण अदायगी के नोटिस थमाए गए। नोटिस देखकर हतप्रभ अनपढ़ किसान जब लैम्प्स शाखा पहुंचे, तो तत्कालीन शाखा प्रबंधक ने उन पर ऋण बकाया होने की बात कहकर उन्हें वापस लौटा दिया।

पीड़ित किसानों का कहना है कि कर्मियों ने उनके नाम पर लाखों का गबन कर लिया। अब स्थिति यह है कि किसान न तो अपनी जमीन के पट्टे वापस पा रहे हैं और न ही डिफाल्टर होने के कारण किसी अन्य योजना या बैंक से नया ऋण ले पा रहे हैं। परेशान किसानों ने एकजुट होकर अब प्रशासनिक अधिकारियों एवं जन प्रतिनिधियों को लिखित शिकायत व आवेदन सौंपकर दोषियों पर सख्त कार्रवाई तथा ऋण मुक्ति की मांग कर रहे हैं।

हिन्दुस्थान समाचार / राकेश पांडे