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11 से 13 फरवरी तक होगा जाज्वल्यदेव लोक महोत्सव व एग्रीटेक कृषि मेला

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11 से 13 फरवरी तक होगा जाज्वल्यदेव लोक महोत्सव व एग्रीटेक कृषि मेला


जांजगीर-चांपा, 21 जनवरी (हि. स.)। जिले में प्रस्तावित जाज्वल्यदेव लोक महोत्सव एवं एग्रीटेक कृषि मेला को सफल, सुव्यवस्थित, गरिमामय और जनसहभागिता से परिपूर्ण बनाने के उद्देश्य से आज बुधवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने की। बैठक में महोत्सव और कृषि मेला के आयोजन से जुड़ी व्यवस्थाओं, रूपरेखा और कार्यक्रमों पर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक में जानकारी दी गई कि जाज्वल्यदेव लोक महोत्सव एवं एग्रीटेक कृषि मेला का आयोजन 11 से 13 फरवरी 2026 तक किया जाएगा। आयोजन को जिले की सांस्कृतिक पहचान और कृषि नवाचार से जोड़ते हुए भव्य स्वरूप देने पर जोर दिया गया। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि यह आयोजन केवल उत्सव नहीं, बल्कि लोक संस्कृति के संरक्षण और किसानों के सशक्तिकरण का महत्वपूर्ण मंच होगा।

बैठक में जांजगीर-चांपा विधायक ब्यास कश्यप, पूर्व संसदीय सचिव अम्बेश जांगड़े, जिला पंचायत अध्यक्ष इंजीनियर सत्यलता आनंद मिरी, नगर पालिका अध्यक्ष रेखा देवा गढ़ेवाल, पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पांडेय, अपर कलेक्टर ज्ञानेन्द्र सिंह ठाकुर, संयुक्त कलेक्टर संदीप सिंह ठाकुर सहित जनप्रतिनिधि और मीडिया प्रतिनिधि उपस्थित रहे। सभी ने आयोजन को बेहतर बनाने के लिए अपने-अपने सुझाव और प्रस्ताव प्रस्तुत किए।

बैठक में निर्णय लिया गया कि जाज्वल्यदेव लोक महोत्सव के दौरान जिले की समृद्ध लोक संस्कृति, परंपराओं और सांस्कृतिक धरोहर को प्रमुखता से प्रदर्शित किया जाएगा। इसके तहत सुप्रसिद्ध कलाकारों के साथ-साथ स्थानीय कलाकारों को मंच प्रदान किया जाएगा। लोक नृत्य, लोक गायन और पारंपरिक प्रस्तुतियों के माध्यम से जिले की सांस्कृतिक पहचान को व्यापक स्तर पर प्रस्तुत किया जाएगा।

एग्रीटेक कृषि मेला को किसानों के लिए उपयोगी, जानकारीपरक और लाभकारी बनाने पर विशेष चर्चा हुई। मेले में उन्नत कृषि तकनीक, आधुनिक कृषि यंत्र, जैविक एवं प्राकृतिक खेती, फसल विविधीकरण, जल संरक्षण, मृदा स्वास्थ्य और शासन की विभिन्न कृषक हितैषी योजनाओं की जानकारी किसानों को उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे किसान आधुनिक तकनीकों से जुड़कर अपनी आय में वृद्धि कर सकें।

बैठक में महोत्सव एवं कृषि मेला पर आधारित स्मारिका “जाज्वल्या” के प्रकाशन पर भी चर्चा की गई। स्मारिका के माध्यम से जिले की सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और कृषि आधारित विशेषताओं को दस्तावेजी रूप देने का प्रस्ताव रखा गया।

कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ समयबद्ध तैयारी और प्रभावी प्रबंधन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आयोजन को सफल बनाने के लिए प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और आम जनता की सहभागिता आवश्यक है। बैठक के अंत में आयोजन को भव्य और यादगार बनाने के लिए सभी के सहयोग का आह्वान किया गया।

हिन्दुस्थान समाचार/ हरीश तिवारी

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हिन्दुस्थान समाचार / हरीश तिवारी