home page

साइबर ठगी के तीन मामलों में छह आरोपित गिरफ्तार, सात आरोपिताे को नोटिस जारी

 | 
साइबर ठगी के तीन मामलों में छह आरोपित गिरफ्तार, सात आरोपिताे को नोटिस जारी


नारायणपुर, 31 अक्टूबर (हि.स.)। जिले के थाना छोटे डोंगर एवं झाराघाटी थाना की पुलिस ने साइबर ठगी के तीन मामलों में कार्रवाई करते हुए मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश और हरियाणा से जुड़े 06 आरोपिताें को गिरफ्तार आज शनिवार काे नारायणपुर लाया गया है। जबकि, सात आरोपिताें को नोटिस जारी किया गया है।

पुलिस ने पिछले दो महीने में थाना छोटे डोंगर और झाराघाटी में दर्ज मामलों की जांच के दौरान मोबाइल नंबरों, बैंक खातों और तकनीकी सबूतों के आधार पर आरोपिताें की पहचान की गई इसके उपरांत कार्रवाई की गई है।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार छोटे डोंगर थाने में दर्ज पहले मामले में आरोपी ने कॉल फॉरवर्डिंग के जरिए 10 हजार रुपये की ठगी की थी। पुलिस ने जांच के बाद उत्तरप्रदेश के बलिया निवासी रितेश गुप्ता को गिरफ्तार किया है।

दूसरे मामले में आरोपित ने पीड़ित को फोन कर खुद को परिचित बताया और फोन पे के जरिए 50 हजार रुपए भेजने की बात कही। इसके बाद आरोपित ने 50 हजार रुपये मिलने का फर्जी मैसेज भेजकर पीड़ित से रकम वापस मांगी। पीड़ित ने झांसे में आकर रुपए भेज दिए। इसके बाद आरोपी ने रकम वापस आने का झांसा देकर मोबाइल पर बताई गई प्रक्रियाएं पूरी कराई। इस दौरान पीड़ित के बैंक खाते से अलग-अलग बार कुल 71,606 रुपये कट गए। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू की। इस मामले में मध्यप्रदेश के ग्वालियर और शिवपुरी हरियाणा के नूंह से जुड़े रमेश साहू, आकाश रावत, अजय परिहार और मोहम्मद अरमान खान को गिरफ्तार किया गया है। इनमें अजय परिहार कियोस्क सेंटर संचालक है। पुलिस के मुताबिक, मोहम्मद अरमान खान को न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है, जबकि अन्य तीन आरोपी पहले से न्यायिक अभिरक्षा में हैं।

तीसरा मामला झाराघाटी थाना क्षेत्र के ग्राम महीमा गवाड़ी का है। यहां पीड़ित को डराकर एक लाख रुपए की ठगी की गई थी। पुलिस ने इस मामले में मध्यप्रदेश के टीकमगढ़ निवासी राजा भैया लोधी को गिरफ्तार किया है।

पुलिस ने लोगों से अपील की है कि अनजान व्यक्ति के कहने पर मोबाइल में कॉल फॉरवर्डिंग चालू न करें। किसी के पैसे भेजने के मैसेज पर भरोसा करने से पहले बैंक खाते में रकम की पुष्टि करें। बिना सत्यापन के किसी को पैसे वापस भेजें और ओटीपी, यूपीआई पिन साझा न करें। साइबर ठगी होने पर तत्काल हेल्पलाइन नंबर 1930 या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं। पुलिस के मुताबिक, इन मामलों में अन्य लोगों की संलिप्तता की जांच जारी है।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / राकेश पांडे