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उबका बांध के नीचे से लगातार निकल रहा पानी, 100 एकड़ फसल और नदी किनारे बसे 10-15 घरों पर मंडरा रहा संकट

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उबका बांध के नीचे से लगातार निकल रहा पानी, 100 एकड़ फसल और नदी किनारे बसे 10-15 घरों पर मंडरा रहा संकट


बलरामपुर, 23 अगस्त (हि.स.)। छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में लगातार हो रही बारिश के बीच रामचन्द्रपुर विकासखंड के ग्राम पंचायत नीलकंठपुर स्थित उबका बांध से पानी का रिसाव शुरू होने के बाद ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। बांध के निचले हिस्से से लगातार पानी बाहर निकल रहा है। बारिश का दौर जारी रहने के कारण ग्रामीणों को आशंका है कि यदि रिसाव बढ़ा तो बांध की संरचना पर दबाव बढ़ सकता है और स्थिति गंभीर हो सकती है।

ग्रामीणों का कहना है कि समय रहते बांध की मरम्मत नहीं की गई तो करीब 100 एकड़ में लगी फसल को नुकसान पहुंच सकता है। इसके अलावा बांध के नीचे किनारे बसे करीब 10 से 15 घर भी संभावित खतरे की चपेट में आ सकते हैं।

उबका बांध का निर्माण वर्ष 2008 में कराया गया था। आसपास के किसानों के लिए यह बांध सिंचाई का महत्वपूर्ण स्रोत है और क्षेत्र की खेती काफी हद तक इसी जलस्रोत पर निर्भर है।

ग्रामीणों के अनुसार, इस वर्ष बारिश के दौरान बांध के निचले हिस्से से पानी रिसना शुरू हुआ है। पानी लगातार बांध के नीचे से रास्ता बनाकर बाहर निकल रहा है। बारिश जारी रहने के कारण ग्रामीणों को डर है कि रिसाव और बढ़ सकता है।

ग्रामीणों के मुताबिक उबका बांध वर्ष 2017 में भी क्षतिग्रस्त हुआ था। उस समय इसकी जानकारी शासन-प्रशासन को दी गई थी, लेकिन तत्काल सहायता नहीं मिलने के बाद ग्रामीणों ने आपस में चंदा जुटाकर वर्ष 2018 में इसकी मरम्मत कराई थी।

ग्रामीणों का कहना है कि इस बार जिस स्थान से पानी का रिसाव हो रहा है, वह 2017 में क्षतिग्रस्त हुए हिस्से से कुछ आगे है। ऐसे में पुरानी घटना को याद कर ग्रामीणों की चिंता और बढ़ गई है।

ग्रामीण सुरेंद्र यादव ने आज रविवार काे बताया कि बारिश शुरू होने के बाद से बांध के नीचे से लगातार पानी निकल रहा है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते इसकी मरम्मत नहीं की गई तो बांध टूटने का खतरा पैदा हो सकता है।

ग्रामीणों के मुताबिक बांध में रिसाव की जानकारी कलेक्टर और संबंधित विभागों को दी गई। शिकायत के बाद एसडीएम, तहसीलदार, वन विभाग के कर्मचारियों सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी मौके पर पहुंचे और बांध की स्थिति का निरीक्षण किया।

ग्रामीणों का कहना है कि बांध टूटने की स्थिति में करीब 100 एकड़ फसल प्रभावित होने के साथ किनारे बसे घरों को खतरा है और जनहानि की भी संभावना है।

रामचन्द्रपुर कांग्रेस मंडल अध्यक्ष राजेंद्र श्रीवास ने कहा कि उबका बांध नीलकंठपुर और आसपास के किसानों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। बांध के पानी से बड़ी संख्या में किसान अपनी खेती की सिंचाई करते हैं।

उन्होंने कहा कि बांध में रिसाव की जानकारी प्रशासन और संबंधित विभागों को दी गई है। अब जरूरी है कि इसकी तत्काल मरम्मत कराई जाए, ताकि किसानों की फसल और ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

उन्होंने आरोप लगाया कि बांध की मरम्मत के लिए ग्राम पंचायत के सरपंच और सचिव से मदद मांगी गई थी, लेकिन फंड उपलब्ध नहीं होने की बात कही गई। ग्रामीणों ने जेसीबी लगाकर मरम्मत का प्रयास भी किया। इस दौरान सरपंच की ओर से दो हजार रुपये दिए जाने की बात कही गई है।

-पिछले साल बांध टूटने की घटना ने बढ़ाई चिंता

ग्रामीण उबका बांध की मौजूदा स्थिति को लेकर इसलिए भी चिंतित हैं क्योंकि पिछले वर्ष बलरामपुर विकासखंड के ग्राम लुत्ती में 2 और 3 सितंबर की दरमियानी रात भारी बारिश के दौरान करीब 40 साल पुराना लुत्ती बांध टूट गया था।

इस घटना में पानी में डूबने से कई लोगों की मौत हुई थी और बड़ी संख्या में मवेशी भी बह गए थे। यही वजह है कि ग्रामीण उबका बांध में हो रहे रिसाव को गंभीरता से लेने की मांग कर रहे हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि बांध में रिसाव अभी छोटा दिखाई दे रहा है, लेकिन लगातार बारिश के बीच इसे नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है। लोगों ने बांध की तकनीकी जांच कराने और जरूरत के मुताबिक तत्काल मरम्मत कराने की मांग की है।

फिलहाल ग्रामीणों की नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई पर है। सबसे बड़ा सवाल यही है कि बारिश और जलस्तर बढ़ने से पहले बांध को सुरक्षित करने के लिए कितनी जल्दी ठोस कदम उठाए जाते हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / विष्णु पांडेय