स्टॉक मार्केट में प्रणव कंस्ट्रक्शंस की शानदार शुरुआत, मजबूत लिस्टिंग के बाद लगा लोअर सर्किट
नई दिल्ली, 15 सितंबर (हि.स.)। रियल स्टेट सेक्टर की कंपनी प्रणव कंस्ट्रक्शंस के शेयरों ने आज स्टॉक मार्केट में मजबूत शुरुआत कर अपने आईपीओ निवेशकों को खुश कर दिया। हालांकि निवेशकों की खुशी तब फीकी पड़ गई, जब मुनाफा वसूली के चक्कर में ये शेयर लोअर सर्किट लेवल पर आ गए। आईपीओ के तहत कंपनी के शेयर 124 रुपये के भाव पर जारी किए गए थे। आज एनएसई पर इसकी लिस्टिंग 33.06 प्रतिशत प्रीमियम के साथ 165 रुपये के स्तर पर और बीएसई पर इसकी लिस्टिंग 30.65 प्रतिशत प्रीमियम के साथ 162 रुपये के स्तर पर हुई। मजबूत लिस्टिंग के बाद मुनाफा वसूली के चक्कर में बिकवाली शुरू हो गई, जिसके कारण थोड़ी देर में ही ये शेयर फिसल कर 132 रुपये के लोअर सर्किट लेवल पर पहुंच गए। इस तरह पहले दिन के कारोबार में धमाकेदार शुरुआत होने के बावजूद लोअर सर्किट लग जाने की वजह से कंपनी के आईपीओ निवेशकों का मुनाफा घट कर प्रति शेयर आठ रुपये यानी 6.45 प्रतिशत रह गया।
इस कंपनी का 351.03 करोड़ रुपये का आईपीओ सात से नौ अगस्त के बीच सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों की ओर से जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला था, जिसके कारण ये ओवरऑल 126.34 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इनमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए रिजर्व पोर्शन 268.54 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसी तरह नॉन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (एनआईआई) के लिए रिजर्व पोर्शन में 217.73 गुना सब्सक्रिप्शन आया था। इसके अलावा रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए रिजर्व पोर्शन 45.31 गुना सब्सक्राइब हुआ था।
इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 2,83,08,481 शेयर जारी किए गए हैं। इनमें लगभग 316 करोड़ रुपये के 2,54,51,612 नए शेयर जारी किए गए हैं। इसके अलावा लगभग 35 करोड़ रुपये के 28,56,869 शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के जरिये बेचे गए हैं। आईपीओ में नए शेयरों की बिक्री से जुटाए गए पैसे का इस्तेमाल कंपनी रीडेलपमेंट प्रोजेक्ट्स की फंडिंग करने, पुराने कर्ज के बोझ को कम करने, वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने, आईपीओ से जुड़े खर्चों की भरपाई करने और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में करेगी।
प्रणव कंस्ट्रक्शंस की वित्तीय स्थिति की बात करें तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत लगातार मजबूत बनी रही है। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी को 39.62 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 62.25 करोड़ रुपये और 2025-26 में उछल कर 71.32 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।
इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी लगातार बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में इसे 449.75 करोड़ रुपये का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 638.24 करोड़ रुपये और 2025-26 में उछल कर 763.93 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।
इस अवधि में कंपनी पर लदे कर्ज के बोझ में भी लगातार बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी पर 99.34 करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ था, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 196.50 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। इसके अगले वित्त वर्ष 2025-26 की बात करें, तो इस वित्त वर्ष के दौरान कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ उछल कर 258.44 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।
कंपनी के रिजर्व और सरप्लस की बात करें तो इस अवधि में कंपनी इस मोर्चे पर भी बढ़त हासिल करने में सफल रही है। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 84.70 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो वित्त वर्ष वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 88.41 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। इसी तरह पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस उछल कर 159.52 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।
इस अवधि में कंपनी के नेटवर्थ में भी लगातार बढ़ोतरी होती रही। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी का नेटवर्थ 88.37 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में दोगुना से भी ज्यादा बढ़ कर 175.59 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। इसी तरह पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का नेटवर्थ 246.70 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।
कंपनी के ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) में भी इस दौरान बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में ये 59.73 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 98.54 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। इसी तरह पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का ईबीआईटीडीए 130.83 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।
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हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक

