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अगले कुछ महीनों में यूरोपीय संघ और अमेरिका के साथ व्यापार समझौता : पीयूष गोयल

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अगले कुछ महीनों में यूरोपीय संघ और अमेरिका के साथ व्यापार समझौता : पीयूष गोयल


अगले कुछ महीनों में यूरोपीय संघ और अमेरिका के साथ व्यापार समझौता : पीयूष गोयल


नई दिल्ली, 27 अप्रैल (हि.स)। केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने सोमवार को कहा कि न्यूजीलैंड के साथ मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) पिछले साढ़े तीन साल में उनके कार्यकाल के दौरान हस्ताक्षर किया गया सातवां ऐसा समझौता है। उन्होंने कहा कि आने वाले महीनों में यूरोपीय संघ और अमेरिका के साथ दो और समझौतों की उम्मीद है।

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री ने भारत और न्यूजीलैंड के साथ एफटीए पर हस्ताक्षर के बाद अयोजित एक प्रेस वार्ता में यह जानकारी दी। गोयल और भारत आये न्यूजीलैंड के व्यापार और निवेश मंत्री टॉड मैकक्ले ने नई दिल्ली में एक मुक्त व्यापार समझौते किए, जिसके इस साल के अंत तक लागू होने की उम्मीद है।

पीयूष गोयल ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘इस (भारत-न्यूजीलैंड) एफटीए के साथ यह सातवां मुक्त व्यापार समझौता है जिस पर मैं पिछले साढ़े तीन साल में हस्ताक्षर कर रहा हूं। उन्होंने कहा कि अगले कुछ महीनों में यूरोपीय संघ (ईयू) और अमेरिका के साथ दो और समझौते बहुत जल्द होने वाले हैं।’’

गोयल ने कहा है कि भारत अगले कुछ महीनों में अमेरिका और यूरोपीय संघ (ईयू) के साथ व्यापार समझौते (एफटीए) को अंतिम रूप देने के लिए तैयार है। इन समझौतों से 38 विकसित देशों तक भारत की पहुंच बढ़ेगी, जिससे वैश्विक व्यापार का लगभग दो-तिहाई हिस्सा कवर होगा। इससे पहले भारत और 27 देशों के समूह ईयू ने जनवरी में एक व्यापार समझौते के लिए बातचीत पूरी होने की घोषणा की थी। इस पर अभी तक हस्ताक्षर नहीं हुए हैं। ये कदम पिछले साढ़े तीन वर्षों में सात एफटीए के बाद आता है।

वाणिज्य मंत्री की ये टिप्पणियां इसलिए भी महत्वपूर्ण हैं क्योंकि भारतीय अधिकारियों की टीम पिछले हफ्ते ही अमेरिका से लौटी है। वहां उन्होंने द्विपक्षीय व्यापार समझौते के पहले चरण को अंतिम रूप देने के लिए अमेरिकी अधिकारियों के साथ तीन दिनों तक वार्ता की थी। दोनों पक्षों ने कई क्षेत्रों पर चर्चा की, जैसे कि बाजार पहुंच, गैर-शुल्क उपाय, व्यापार में तकनीकी बाधाएं, सीमा शुल्क और व्यापार सुविधा, निवेश प्रोत्साहन, आर्थिक सुरक्षा तालमेल और डिजिटल व्यापार।

उल्लेखनीय है कि भारत और अमेरिका ने सात फरवरी को एक संयुक्त बयान जारी किया, जिसमें आपसी और पारस्परिक रूप से लाभकारी व्यापार के संबंध में एक अंतरिम व्यापार समझौते के लिए एक रूपरेखा को अंतिम रूप दिया गया। फिलहाल अमेरिकी शुल्क परिदृश्य में बदलावों को देखते हुए इस रूपरेखा में कुछ समायोजन की जरूरत है।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रजेश शंकर