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बड़ी गिरावट के बाद शेयर बाजार ने कैसे की रिकवरी, जानिए मार्केट की जोरदार वापसी के कारण

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बड़ी गिरावट के बाद शेयर बाजार ने कैसे की रिकवरी, जानिए मार्केट की जोरदार वापसी के कारण


नई दिल्ली, 13 जुलाई (हि.स.)। अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर जंग की शुरुआत हो जाने की वजह से दुनिया भर के शेयर बाजार में कोहराम मचा हुआ है। ऐसी प्रतिकूल परिस्थिति में भी घरेलू शेयर बाजार आज कमजोर शुरुआत करने के बावजूद शानदार रिकवरी करने में सफल रहा। आज निचले स्तर से हुई वैल्यू बाइंग, विदेशी निवेशकों की ओर से मिला लिवाली का सपोर्ट और आईटी सेक्टर के शेयरों में जमकर हुई खरीदारी ने स्टॉक मार्केट के माहौल को पूरी तरह से बदल दिया।

आज शेयर बाजार की रिकवरी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बड़ी गिरावट के साथ कारोबार की शुरुआत करने के बावजूद सेंसेक्स इंट्रा-डे में 931.86 अंक उछल गया और निफ्टी ने 259.60 की छलांग लगाने में सफलता हासिल की। ब्रॉडर मार्केट में भी आज रिकवरी का रुख नजर आया। निफ्टी स्मॉलकैप 100 और निफ्टी मिडकैप 100 ने कमजोर शुरुआत करने के बावजूद आज के कारोबार का अंक सांकेतिक बढ़त के साथ किया।

खुराना सिक्योरिटीज एंड फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड के सीईओ रवि चंदर खुराना का मानना है कि आज घरेलू शेयर बाजार में निवेशकों ने शुरुआती कमजोरी का फायदा उठाते हुए निचले स्तर से वैल्यू बाइंग की, जिसकी वजह से मार्केट की रिकवरी को सपोर्ट मिला। वैश्विक दबाव की वजह से बाजार खुलते ही एक बार बिकवाली का रुख जरूर बना, लेकिन थोड़ी देर बाद ही निवेशकों ने चौतरफा खरीदारी शुरू कर दी। इस खरीदारी के सपोर्ट से सेंसेक्स और निफ्टी दोनों सूचकांकों की चाल में तेजी आने लगी।

रवि चंदर खुराना का मानना है कि स्टॉक मार्केट में निचले स्तर से हुई वैल्यू बाइंग को विदेशी निवेशकों की ओर से भी सपोर्ट मिला। विदेशी निवेशक भारतीय बाजार में जुलाई के महीने के दौरान लगातार खरीदार (बायर) की भूमिका में बने हुए हैं। सेकेंडरी और प्राइमरी मार्केट मिलाकर विदेशी निवेशक पिछले सप्ताह के अंत तक 15 हजार करोड़ रुपये से अधिक की खरीदारी कर चुके हैं। आज भी उनका रुख लगातार पॉजिटिव बना रहा और सेकेंडरी मार्केट में उन्होंने जमकर खरीदारी की।

माना जा रहा है कि भारत के बेहतर होते मैक्रो-इकोनॉमिक हालात और रुपये की स्थिरता ने भारतीय बाजार को लेकर विदेशी निवेशकों के इनवेस्टमेंट सेंटिमेंट्स को पॉजिटिव बना दिया है। इसके साथ ही चिप ट्रेड की कमजोरी की वजह से विदेशी निवेशकों ने दक्षिण कोरिया के स्टॉक मार्केट से पैसा निकाल कर भारतीय स्टॉक मार्केट में अपना निवेश बढ़ा दिया है। यह निवेश आज भी जारी रहा, जिसकी वजह से घरेलू शेयर बाजार निचले स्तर से सुधरने में काफी हद तक सफल रहा।

इसी तरह धामी सिक्योरिटीज के वाइस प्रेसिडेंट प्रशांत धामी का कहना है कि आईटी सेक्टर के शेयरों में आई तेजी ने भी आज मार्केट सेंटीमेंट्स को पॉजिटिव बनाने में अहम भूमिका निभाई। आज के कारोबार की शुरुआत में बिकवाली का जोरदार दबाव होने के बावजूद निफ्टी का आईटी इंडेक्स 0.56 प्रतिशत की मजबूती के साथ कारोबार कर रहा था। दिन के कारोबार में निवेशकों ने आईटी सेक्टर के शेयरों को आज हाथों-हाथ लिया, जिसकी वजह से आज का कारोबार खत्म होते-होते निफ्टी का आईटी इंडेक्स 3.59 प्रतिशत की बढ़त हासिल करने में सफल रहा।

धामी का मानना है कि आईटी सेक्टर के शेयरों की लगातार हो रही खरीदारी की वजह से बने पॉजिटिव माहौल ने आज एफएमसीजी और मेटल सेक्टर में हुई बिकवाली को भी काफी हद तक असरहीन कर दिया। हालांकि, इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता है कि अगर आज एफएमसीजी और मेटल सेक्टर से स्टॉक मार्केट को सपोर्ट मिला होता, तो शेयर बाजार सपाट स्तर पर बंद होने के बजाय शानदार मजबूती के साथ बंद होने में सफल हो जाता।

इसके साथ ही प्रशांत धामी निफ्टी के टेक्निकल सपोर्ट लेवल को भी आज की रिकवरी के लिए एक प्रमुख कारण मानते हैं। उनका कहना है कि 24 हजार अंक के स्तर पर निफ्टी को जबरदस्त सपोर्ट मिल रहा है। यही वजह है कि आज के कारोबार में निफ्टी 24,000.20 अंक तक गिरने के बावजूद रिकवर करने में सफल रहा। अगर बिकवाली का दबाव और बढ़ता या मार्केट सेंटीमेंट खराब होते, तो निफ्टी 24,000 अंक के सपोर्ट लेवल को ब्रेक कर 23,800 अंक के स्तर तक फिसल सकता था। ऐसी स्थिति में शेयर बाजार की रिकवरी की उम्मीद पूरी तरह से धराशाई हो जाती।

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हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक