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आज की गिरावट के बाद अगले सत्र को लेकर सतर्क हुए मार्केट एक्सपर्ट्स, बुधवार को सपोर्ट और रेजिस्टेंस लेवल पर रहेगी नजर

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आज की गिरावट के बाद अगले सत्र को लेकर सतर्क हुए मार्केट एक्सपर्ट्स, बुधवार को सपोर्ट और रेजिस्टेंस लेवल पर रहेगी नजर


नई दिल्ली, 19 अक्टूबर (हि.स.)। घरेलू शेयर बाजार में आज हुई जोरदार बिकवाली और इसकी वजह से आई गिरावट के बाद मार्केट के टेक्निकल एनालिस्ट बुधवार को होने वाले अगले कारोबारी दिन की ट्रेडिंग को लेकर काफी सतर्क नजर आ रहे हैं। आज बाजार बंद होने पर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी सूचकांक जहां 22,900 अंक के मनोवैज्ञानिक स्तर के नीचे फिसल कर 22,888.95 के स्तर पर सेटल हुआ, वहीं बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स भी करीब 876 अंक की भारी गिरावट के साथ 73,852.90 अंक के स्तर पर बंद हुआ।

शेयर बाजार में कल विजयादशमी की छुट्टी रहने वाली है। इसलिए अब ट्रेडर्स अगले कारोबारी दिन बुधवार की ट्रेडिंग को लेकर स्टैटजी बनाने में जुए हुए हैं। शेयर बाजार में आज की बड़ी गिरावट के बाद बाजार के जानकारों का मानना है कि बुधवार के अगले कारोबारी सत्र में सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही प्रमुख सूचकांकों के लिए कुछ बेहद महत्वपूर्ण सपोर्ट और रेजिस्टेंस लेवल्स गेम चेंजर साबित हो सकते हैं। इन सपोर्ट और रिजिस्टेंस लेवल को ध्यान में रखते हुए ही ट्रेडिंग प्लान तैयार करना होगा। इसलिए मार्केट में कोई भी पोजीशन लेने से पहले हर छोटे और बड़े ट्रेडर को सपोर्ट और रिजस्टेंस लेवल पर पैनी नजर रखनी होगी।

खुराना सिक्योरिटीज एंड फाइनेंशियल सर्विसेज के सीईओ रविचंदर खुराना का कहना है कि चार्ट पैटर्न्स और डेरिवेटिव्स डेटा के विश्लेषण के आधार पर बुधवार के कारोबार के लिए निफ्टी का सबसे पहला और तात्कालिक सपोर्ट 22,840 से 22,850 अंक के दायरे में देखा जा रहा है। ये आज निफ्टी का इंट्रा-डे कारोबार में निचला स्तर भी रहा है। खुराना के अनुसार अगर बाजार में बिकवाली का दबाव बुधवार को भी जारी रहता है और निफ्टी इस पहले स्तर को तोड़ देता है, तो फिर इस सूचकांक के लिए सबसे अहम और मजबूत सपोर्ट 22,780 अंक के स्तर पर उभरता हुआ नजर आ रहा है।

मार्केट एक्सपर्ट्स के अनुसार जब तक निफ्टी क्लोजिंग बेसिस पर 22,780 के इस स्तर को बचाए रखने में कामयाब रहता है, तब तक लंबी अवधि के लिए तेजी का ट्रेंड (बुलिश ट्रेंड) पूरी तरह से सुरक्षित रहेगा। इसके साथ ही आज की या आज जैसी गिरावट को केवल एक सामान्य टेक्निकल करेक्शन माना जाएगा। दूसरी ओर, यदि बाजार में बुधवार के कारोबार के दौरान निचले स्तरों से शॉर्ट कवरिंग या रिकवरी आती है, तो ऊपर की तरफ निफ्टी के लिए पहला बड़ा रेजिस्टेंस लेवल 22,980 से 23,020 अंक के बीच रहेगा। इस मनोवैज्ञानिक बाधा को पार करने के बाद ही निफ्टी में दोबारा तेजी के लिए रास्ता साफ होगा और सूचकांक वापस अपने 23,150 से 23,600 अंक के ऊपरी टारगेट्स की ओर कदम बढ़ा सकेगा।

सेंसेक्स के टेक्निकल चार्ट की बात करें, तो आज की 876 अंकों की बड़ी गिरावट ने इसके पिछले कई अहम सपोर्ट लेवल्स को ध्वस्त कर दिया है। अब बुधवार के कारोबारी सत्र के लिए सेंसेक्स का सबसे पहला और महत्वपूर्ण सपोर्ट आज का निचला स्तर यानी 73,700 अंक रहेगा। अगर बुधवार को सुबह के सत्र में ग्लोबल मार्केट की कमजोरी के चलते यह स्तर टूटता है, तो फिर सेंसेक्स को सीधे 73,350 से लेकर 73,100 अंक के बेहद मजबूत डिमांड जोन में सहारा मिलने की उम्मीद है, जहां से खरीदार दोबारा बाजार को संभालने की कोशिश कर सकते हैं।

हालांकि रवि चंदर खुराना का ये भी कहना है कि अगर स्थितियां प्रतिकूल हो गईं, तो इसके विपरीत रिकवरी की स्थिति में सेंसेक्स को ऊपर की ओर 74,250 से 74,400 अंक के दायरे में सबसे पहली और कड़ी रेजिस्टेंस (रुकावट) का सामना करना पड़ेगा। जब तक सेंसेक्स इस स्तर के ऊपर मजबूती से टिकना शुरू नहीं करता, तब तक बाजार की हर उछाल पर मुनाफावसूली होने या बिकवाली का दबाव बनने का खतरा लगातार बना रहेगा।

मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि आज की गिरावट के बावजूद ट्रेडर्स को घबराने की जरूरत नहीं है, बल्कि उन्हें बेहद संभलकर अपनी रणनीतियां बनानी होंगी। अगस्त महीने के बाद पहली बार पिछले सप्ताह बाजार ने अपने 20-डे सिंपल मूविंग एवरेज यानी एसएमए से ऊपर बंद होने का दम दिखाया था, जो यह संकेत देता है कि बाजार का बुनियादी ढांचा अभी भी पूरी तरह से कमजोर नहीं हुआ है।

चूंकि पिछले कुछ दिनों में लोअर बोलिंगर बैंड से बाजार में करीब चार प्रतिशत की एकतरफा रैली देखी जा चुकी थी, इसलिए आज का यह मीन रिवर्जन मूव या करेक्शन तकनीकी रूप से बेहद जरूरी था। निवेशकों और इंट्रा-डे ट्रेडर्स के लिए बुधवार को सबसे बेहतरीन रणनीति यही होगी कि वे जल्दबाजी में कोई भी बड़ी पोजीशन बनाने से बचें और बाजार को इन तय सपोर्ट लेवल्स के आसपास स्थिर होने का समय दें। ऐसा इसलिए कहा जा रहा है, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की चाल और जियो-पॉलिटिकल टेंशन के कारण अभी कुछ और दिन तक बाजार में भारी उतार-चढ़ाव की स्थिति बनी रह सकती है।

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हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक