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शेयर बाजार में 5 वजहों से लगातार तीसरे दिन मचा हाहाकार

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शेयर बाजार में 5 वजहों से लगातार तीसरे दिन मचा हाहाकार


नई दिल्ली, 04 मार्च (हि.स.)। पश्चिम एशिया में जारी संकट के कारण घरेलू शेयर बाजार आज लगातार तीसरे कारोबारी दिन बड़ी गिरावट का शिकार हो गया। शुरुआती कारोबार में ही सेंसेक्स 1,700 अंक से अधिक टूट गया। वहीं निफ्टी ने भी 530 अंक से अधिक का गोता लगाया। शेयर बाजार की इस जोरदार गिरावट की वजह से होली के दिन निवेशकों के रंग में भंग पड़ गया।

आज की जबरदस्त गिरावट के कारण बाजार खुलने के बाद कुछ मिनट में ही निवेशकों की 10 लाख करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति एक झटके में साफ हो गई। बीएसई में लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप सोमवार के 456.90 लाख करोड़ रुपये से घट कर 446.45 लाख करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। हालांकि बाद में खरीदारों ने लिवाली का जोर बनाने की कोशिश की, जिसकी वजह से बाजार की स्थिति में मामूली सुधार होता हुआ भी दिखा। दोपहर 1:30 बजे तक का कारोबार होने के बाद सेंसेक्स 1,307.98 अंक की गिरावट के साथ 78,930.87 अंक के स्तर पर और निफ्टी 428.15 अंक की गिरावट के साथ 24,437.55 अंक के स्तर पर कारोबार कर रहे थे।

मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक पश्चिम एशिया में लगातार बढ़ रहा सैन्य तनाव, कमजोर ग्लोबल संकेत, कच्चे तेल की कीमत में आई तेजी, विदेशी निवेशकों की बिकवाली और इंडिया वोलैटिलिटी इंडेक्स (इंडिया वीआईएक्स) के कारण घरेलू शेयर बाजार आज लगातार तीसरे कारोबारी दिन बड़ी गिरावट का शिकार हो गया।

धामी सिक्योरिटीज के वाइस प्रेसिडेंट प्रशांत धामी के अनुसार पिछले तीन दिनों से पश्चिम एशिया में सैन्य तनाव में काफी बढ़ोतरी हुई है। इस तनाव का असर पूरी दुनिया के शेयर बाजार पर साफ-साफ दिख रहा है। अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान के खिलाफ शुरू की गई संयुक्त सैन्य कार्रवाई और उसके बाद ईरान द्वारा अमेरिका और इजरायल के ठिकानों पर किए गए मिसाइल तथा ड्रोन के जवाबी हमले की वजह से पश्चिम एशिया का तनाव काफी बढ़ गया है।

इस तनाव के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते होने वाली माल वाहक जहाजों की आवाजाही भी ठप हो गई है। भारत द्वारा अंतरराष्ट्रीय बाजार से आयात किए जाने वाले कच्चे तेल का लगभग 40 प्रतिशत हिस्सा इसी रास्ते से होकर आता है। ऐसी स्थिति में भारत के सामने कच्चे तेल के संकट की स्थिति बनती हुई नजर आ रही है, जिसका नकारात्मक असर निवेशकों के सेंटीमेंट पर साफ-साफ नजर आ रहा है।

इसी तरह पश्चिम एशिया तनाव का असर आज दुनिया भर के शेयर बाजारों पर भी दिख रहा है। निवेशक अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के आर्थिक असर को लेकर डरे हुए हैं। इस डर की वजह से एशिया और यूरोप के तमाम बाजार में लगातार तीसरे दिन गिरावट का रुख बना हुआ है। दक्षिण कोरिया के स्टॉक मार्केट में आज 11 प्रतिशत तक की गिरावट आ गई। इसी तरह टोक्यो स्टॉक एक्सचेंज और हांगकांग के स्टॉक एक्सचेंज में भी आज जबरदस्त गिरावट दर्ज की गई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में आई इस गिरावट के कारण घरेलू शेयर बाजार में भी बिकवाली का दबाव बना हुआ है।

प्रशांत धामी के अनुसार कच्चे तेल की कीमत भी इस समय स्टॉक मार्केट के लिए चिंता की एक बड़ी वजह बनी हुई है। होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते कच्चे तेल की सप्लाई में रुकावट आने की वजह से ब्रेंट क्रूड गिर कर 82 डॉलर प्रति बैरल के स्तर तक आ गया है। होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया भर में कच्चे तेल की सप्लाई के लिए एक प्रमुख समुद्री मार्ग माना जाता है। इस रास्ते से कच्चे तेल की सप्लाई ठप होने पर दुनिया भर में पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स की कीमत में बेतहाशा तेजी आ सकती है। कीमत बढ़ने के डर की वजह से दुनिया भर के दूसरे शेयर बाजारों की तरह ही घरेलू शेयर बाजार में भी निवेशक चिंतित हैं।

घरेलू शेयर बाजार के लिहाज से विदेशी निवेशकों की जोरदार बिकवाली भी चिंता की एक बड़ी वजह बन गई है। फरवरी में लगातार खरीदारी करने वाले विदेशी निवेशक पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ते ही लगातार बिकवाली कर अपना पैसा निकालने में जुट गए हैं। सिर्फ सोमवार यानी दो मार्च को ही विदेशी निवेशकों ने घरेलू शेयर बाजार में शुद्ध रूप से 3,295.64 करोड़ रुपये की बिकवाली की। विदेशी निवेशकों की बिकवाली की वजह से भी मार्केट सेंटीमेंट कमजोर हुए हैं।

प्रशांत धामी के अनुसार घरेलू शेयर बाजार में आज की जोरदार गिरावट की एक बड़ी वजह इंडिया वोलैटिलिटी इंडेक्स (इंडिया वीआईएक्स) में आई जोरदार उछाल भी है। शेयर बाजार में स्थिरता का संकेत देने वाला वोलैटिलिटी इंडेक्स आज करीब 14 प्रतिशत उछल कर 19.51 के स्तर पर पहुंच गया। इंडिया वीआईएक्स इस बात का संकेत देता है कि निवेशकों में अपने निवेश को लेकर अनिश्चितता काफी बढ़ गई है। निवेशक जियो पॉलिटिकल टेंशन और बढ़ती तेल की कीमत को लेकर काफी सतर्क हो गए हैं, जिससे घरेलू बाजार में डर और अस्थिरता का माहौल बन गया है। इसी वजह से इंडिया वोलैटिलिटी इंडेक्स ने भी जोरदार छलांग लगाई है। इस इंडेक्स में बढ़ोतरी होने की वजह से निवेशकों ने स्टॉक मार्केट से अपना पैसा निकालना शुरू कर दिया है।

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हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक