पश्चिम एशिया संकट समेत पांच कारणों से घरेलू शेयर बाजार में मचा कोहराम
नई दिल्ली, 23 मार्च (हि.स.)। घरेलू शेयर बाजार में आज आई गिरावट ने कारोबारियों को जोरदार झटका दिया। सप्ताह के पहले कारोबारी दिन ही सेंसेक्स 1,836.57 अंक गिर कर बंद हुआ। निफ्टी ने 601.85 अंक की कमजोरी के साथ आज के कारोबार का अंत किया। माना जा रहा है कि अमेरिका और इजरायल तथा ईरान के बीच जारी जंग के चलते इन्वेस्टर सेंटीमेंट्स पर काफी निगेटिव असर पड़ा है। इसके साथ ही इकोनॉमिक ग्रोथ और अर्निंग आउटलुक पर भी नकारात्मक असर पड़ने की आशंका बन गई है। इसी वजह से घरेलू शेयर बाजार भी दुनिया के दूसरे शेयर बाजार की तरह ही आज जबरदस्त गिरावट का शिकार हो गया।
मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि पश्चिम एशिया में जारी जंग की वजह से बनी जियो पॉलिटिकल टेंशन की स्थिति, कच्चे तेल की कीमत में आई तेजी, कमजोर ग्लोबल संकेत, विदेशी निवेशकों की ओर से लगातार की जा रही बिकवाली और इंडिया वोलैटिलिटी इंडेक्स में आए उछाल की वजह से घरेलू शेयर बाजार आज बुरी तरह से धराशायी हो गया।
टीएनवी फाइनेंशियल सर्विसेज के सीईओ तारकेश्वर नाथ वैष्णव के अनुसार अमेरिका और ईरान की जवाबी हमला करने की चेतावनी देने की वजह से जियो पॉलिटिकल टेंशन अपने चरम पर पहुंच गया था। हालांकि, ईरान की ओर से जवाबी हमला करने की चेतावनी देने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के तेवर ढीले पड़ गए और उन्होंने अगले 5 दिन तक ईरान के पावर इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमला नहीं करने का भी ऐलान किया। ट्रंप के इस ऐलान के पहले ही दोनों पक्षों द्वारा एक दूसरे के एनर्जी और पावर इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमला करने की धमकी देने की वजह से पूरी दुनिया में डर का माहौल बन गया था, जिसकी वजह से वैश्विक स्तर पर शेयर बाजार गिरावट का शिकार हुए। इसका असर भारतीय शेयर बाजार में भी साफ-साफ नजर आया।
इसी तरह पश्चिम एशिया में जारी जंग के कारण क्रूड ऑयल (कच्चे तेल) की कीमत में भी लगातार तेजी बनी हुई है। पिछले कुछ दिन से क्रूड ऑयल अंतरराष्ट्रीय बाजार में लगातार 110 डॉलर प्रति बैरल के करीब बना हुआ है। आज ब्रेंट क्रूड 114.10 प्रति बैरल के स्तर तक पहुंच गया था। क्रूड ऑयल की अपनी कुल जरूरत का 80 प्रतिशत से अधिक आयात करने वाले भारत जैसे देश के लिए कच्चे तेल की कीमत में आई तेजी बड़ी चुनौती बन गई है। तेल की ऊंची कीमत से महंगाई की रफ्तार में भी तेजी आने की आशंका बन गई है। इसके साथ ही व्यापार घाटा बढ़ने और रुपये के कमजोर होने की आशंका भी बन गई है। इस आशंका ने भी घरेलू शेयर बाजार के सेंटीमेंट्स को काफी हद तक प्रभावित किया है।
इसी तरह धामी सिक्योरिटीज के वाइस प्रेसिडेंट प्रशांत धामी का कहना है कि पश्चिम एशिया संकट शुरू होने के बाद से ही विदेशी निवेशक भारतीय शेयर बाजार में लगातार बिकवाली कर अपना पैसा निकालने में लगे हुए हैं। मार्च के महीने में किसी भी कारोबारी दिन विदेशी निवेशकों ने खरीदारी नहीं की है। प्रत्येक दिन विदेशी निवेशक बिकवाली कर अपना पैसा निकालने में लगे हुए हैं। एक मार्च से बीस मार्च तक विदेशी निवेशक इक्विटी मार्केट में शेयरों की बिक्री कर लगभग 90 हजार करोड़ रुपये की निकासी कर चुके हैं। हालांकि घरेलू संस्थागत निवेशक लगातार खरीदारी कर बिकवाली के दबाव को काम करने की कोशिश में जुटे हुए हैं। इसके बावजूद विदेशी निवेशकों ने लगातार बिकवाली कर मार्केट सेंटीमेंट्स को काफी खराब कर दिया है।
पश्चिम एशिया में जारी जंग के कारण एशियाई बाजार में हाहाकार बचा हुआ है। एशियाई बाजार में अभी तक तीन प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई है। अमेरिका और इजरायल तथा ईरान के बीच जारी जंग चौथे सप्ताह में प्रवेश कर चुकी है। अभी इसके शीघ्र थमने के आसार भी नजर नहीं आ रहे हैं। इस वजह से एशिया के हर स्टॉक मार्केट में घबराहट का माहौल बना हुआ है, जिससे भारतीय शेयर बाजार भी प्रभावित हो रहा है।
प्रशांत धामी के अनुसार पश्चिम एशिया संकट के कारण इंडिया वोलैटिलिटी इंडेक्स (इंडिया वीआईएक्स) में भी जबरदस्त उछाल आया है। मार्केट के सेंटीमेंट्स और निवेशकों की बेचैनी को दर्शाने वाला यह सूचकांक लगभग 10 प्रतिशत उछल कर 25.03 के स्तर पर आ गया है। इंडिया वीआईएक्स की इस उछाल के कारण भी घरेलू शेयर बाजार के सेंटीमेंट्स प्रभावित हुए हैं और इसकी गिरावट बढ़ती जा रही है।
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हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक

