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एससी एग्रोटेक के शेयरों ने 8 दिनों में लगाई 43 प्रतिशत से अधिक की छलांग

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एससी एग्रोटेक के शेयरों ने 8 दिनों में लगाई 43 प्रतिशत से अधिक की छलांग


नई दिल्ली, 04 नवंबर (हि.स.)। घरेलू शेयर बाजार में आई जोरदार तेजी के बीच स्मॉल-कैप कंपनी एससी एग्रोटेक लिमिटेड का शेयर इन दिनों निवेशकों के लिए आकर्षण का बड़ा केंद्र बन गया है। पिछले आठ कारोबारी सत्रों में 43 प्रतिशत से अधिक की तेजी देखी गई है। इस तूफानी तेजी के पीछे कंपनी के शानदार वित्तीय परिणाम और उसका नया डिजिटल एग्रीकल्चर प्लेटफॉर्म 'एग्रीब्रिज' हैं।

23 अक्टूबर को यह शेयर 30.88 रुपये के स्तर पर था, जो लगातार अपर सर्किट छूते हुए आज 4 नवंबर को 44.37 रुपये के स्तर पर पहुंच गया। इस तरह इसने अपने पिछले 52 सप्ताह के ऊपरी स्तर 43.80 रुपये को भी पार कर नए शिखर पर काबिज हो गया। इस दौरान कंपनी के शेयरों की ट्रेडिंग एक्टिविटी में भी जबरदस्त उछाल आया, जिससे कंपनी का ट्रेडिंग वॉल्यूम महज 5,266 शेयरों से बढ़ कर आज करीब 3.55 लाख शेयरों के स्तर तक पहुंच गया।

अगर वित्तीय सेहत की बात करें, तो वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में ऑपरेशंस से होने वाला रेवेन्यू साल-दर-साल लगभग 802 प्रतिशत बढ़ कर 45.26 करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले साल की समान तिमाही में 5.02 करोड़ रुपये था। इसी अवधि में कंपनी का तिमाही शुद्ध मुनाफा (नेट प्रॉफिट) करीब 48 गुना बढ़कर 21.21 लाख रुपये से 10.21 करोड़ रुपये के पार पहुंच गया। चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में भी यह मजबूती बनी रही। इस कारण कंपनी ने 83.11 करोड़ रुपये का रेवेन्यू हासिल करने में सफल रही। इसके साथ ही कंपनी को 19.77 करोड़ रुपये का टैक्स के बाद मुनाफा (प्रॉफिट आफ्टर टैक्स) भी अर्जित किया।

कंपनी ने आज से ही अपना नया डिजिटल कृषि बाजार प्लेटफॉर्म 'एग्रीब्रिज' आम जनता और किसानों के लिए लाइव कर दिया है। यह प्लेटफॉर्म किसानों, कृषि आपूर्तिकर्ताओं और संस्थागत खरीदारों को एक साथ लाने का काम करेगा। इसमें डिजिटल क्रॉप लिस्टिंग, खरीदारों की खोज और लेन-देन प्रबंधन जैसी आधुनिक सुविधाएं शामिल हैं। इस मॉडल से कंपनी को आने वाले समय में कृषि लेन-देन और सेवाओं के जरिए लगातार रेवेन्यू मिलने की उम्मीद है।

कंपनी के अनुमानों के मुताबिक यदि प्लेटफॉर्म पर 10 करोड़ रुपये की पूंजी लगाई जाती है, तो 125 करोड़ रुपये के सालाना ग्रॉस मर्चेंडाइज वैल्यू (जीएमवी) पर लगभग 1.4 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा हो सकता है। वहीं, 100 करोड़ रुपये के बड़े विस्तार के साथ 1,000 करोड़ रुपये का सालाना जीएमवी हासिल होने पर टैक्स के बाद 12.1 करोड़ रुपये तक का मुनाफा (प्रॉफिट आफ्टर टैक्स) संभव है। हालांकि, शेयर में तेज उछाल और बार-बार लगने वाले अपर सर्किट से उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है, जिससे ट्रेड करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। अब निवेशकों की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या कंपनी इस डिजिटल बदलाव को लंबी अवधि की ग्रोथ में बदल पाती है या नहीं।

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हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक