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सेल ने नौसेना के तीन युद्धपोत बनाने के लिए 5,700 टन विशेष इस्पात की आपूर्ति की

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सेल ने नौसेना के तीन युद्धपोत बनाने के लिए 5,700 टन विशेष इस्पात की आपूर्ति की


नई दिल्ली, 24 जून (हि.स)। इस्पात मंत्रालय के अधीन देश की सार्वजनिक क्षेत्र की इस्पात उत्पादक और महारत्न कंपनी, स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) ने भारतीय नौसेना के हाल ही में कमीशन किए गए तीन अत्याधुनिक जहाजों के निर्माण के लिए 5,700 टन विशेष स्टील की आपूर्ति की है।

देश की नौसैनिक क्षमताओं को मजबूत करने में सेल ने एक बार फिर से महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

उन्नत स्टील्थ फ्रिगेट आईएनएस दूनागिरी, एंटी-सबमरीन वारफेयर शैलो वॉटर क्राफ्ट आईएनएस अग्रय और सर्वेक्षण पोत (लार्ज) आईएनएस संशोधक 21 जून को कोलकाता के श्यामा प्रसाद मुखर्जी पोर्ट पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के हाथों औपचारिक रूप से भारतीय नौसेना में शामिल किए गए।

सेल ने कहा कि इन तीनों अत्याधुनिक जहाजों के लिए विशेष गुणवत्ता की डीएमआर 249ए ग्रेड हॉट-रोल्ड शीट और प्लेट की सप्लाई की गई है। कंपनी ने इस डिफेंस ग्रेड स्टील का उत्पादन और आपूर्ति अपने बोकारो, भिलाई और राउरकेला इस्पात संयंत्रों के जरिये बेहद ही सावधानीपूर्वक किया है, जो इस बात का प्रमाण है कि सेल के पास देश की समुद्री सुरक्षा की बुनियादी जरूरतों को पूरा करने के लिए बेहतरीन और आधुनिक तकनीकी क्षमता है।

कंपनी ने कहा कि सेल देश के 'आत्मनिर्भर भारत' और 'मेक इन इंडिया' अभियानों को लगातार आगे बढ़ा रहा है। सेल देश के महत्वपूर्ण नौसैनिक प्लेटफार्मों के लिए विशेष स्टील का उत्पादन करके, भारत के रक्षा स्वदेशीकरण का एक अभिन्न हिस्सा बन गया है। देश की रक्षा क्षेत्र की उभरती जरूरतों को देखते हुए सेल ने डीएमआर ग्रेड प्लेटों का उत्पादन बढ़ाने के लिए अपनी प्लेट-उत्पादन सुविधाओं, विशेषकर राउरकेला स्टील प्लांट के 'स्पेशल प्लेट प्लांट' में पहले से ही अतिरिक्त पहल लागू किए हैं। यह रणनीतिक कदम रक्षा-ग्रेड स्टील के क्षेत्र में भारत के बढ़ते आयात प्रतिस्थापन में साफ दिखाई देता है।

सेल के शानदार ट्रैक रिकॉर्ड में ऐतिहासिक स्वदेशी विमान वाहक आईएनएस विक्रांत के साथ-साथ विशिष्ट प्रोजेक्ट 17ए स्टील्थ फ्रिगेट्स, आईएनएस नीलगिरि, आईएनएस हिमगिरि और आईएनएस उदयगिरि के लिए स्टील की आपूर्ति शामिल है। इसके अलावा सेल का विशेष स्टील आईएनएस अजय, आईएनएस निस्तार और आईएनएस अंजदीप जैसे शक्तिशाली जहाजों की रीढ़ है। इन उन्नत युद्धपोतों का सफल समावेश भारत की समुद्री संप्रभुता और क्षमताओं में एक निर्णायक मील का पत्थर है।

कंपनी के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक डॉ. अशोक कुमार पंडा ने कहा कि भारत के रक्षा क्षेत्र के एक प्रमुख भागीदार के रूप में सेल देश की आत्मनिर्भरता की जरूरतों के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। कंपनी ने पहले से ही रक्षा क्षेत्र की लगातार बढ़ती जरूरतों को ध्यान में रखते हुए डीएमआर ग्रेड प्लेटों की उत्पादन क्षमता को बढ़ाने पर ज़ोर दिया, विशेषकर राउरकेला स्टील प्लांट के स्पेशल प्लेट प्लांट पर ध्यान केंद्रित किया है। इन उच्च-क्षमता वाली डीएमआर 249ए स्टील प्लेटों की आपूर्ति न केवल भारत की रणनीतिक स्वतंत्रता को मजबूती प्रदान करती है, बल्कि सेल की अत्याधुनिक तकनीकी विशेषज्ञता को भी प्रमाणित करती है।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रजेश शंकर