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पीएमएसबीवाई, पीएमजेजेबीवाई, एपीवाई ने नागरिकों को सामाजिक सुरक्षा कवच प्रदान करने के 11 वर्ष किए पूरे

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पीएमएसबीवाई, पीएमजेजेबीवाई, एपीवाई ने नागरिकों को सामाजिक सुरक्षा कवच प्रदान करने के 11 वर्ष किए पूरे


पीएमएसबीवाई, पीएमजेजेबीवाई, एपीवाई ने नागरिकों को सामाजिक सुरक्षा कवच प्रदान करने के 11 वर्ष किए पूरे


नई दिल्ली, 09 मई (हि.स)। प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (पीएमएसबीवाई), प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (पीएमजेजेबीवाई) और अटल पेंशन योजना (एपीवाई) ने देशभर में नागरिकों को सामाजिक सुरक्षा कवर प्रदान करने के 11 साल पूरे कर लिए हैं। इनके तहत अब तक 58 करोड़ (पीएमएसबीवाई), 27 करोड़ (पीएमजेजेबीवाई) और 9 करोड़ (एपीवाई) लोगों का नामांकन हो चुका है।

वित्त मंत्रालय ने शनिवार को एक बयान में बताया कि इन योजनाओं की परिकल्पना सभी को विशेष रूप से समाज के वंचित और कमजोर वर्गों को किफायती वित्तीय सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से की गई थी। ये जन सुरक्षा योजनाएं 9 मई 2015 को शुरू की गई थीं, जो करोड़ों नागरिकों को बीमा और पेंशन का कवच प्रदान कर रही हैं।

भारत सरकार की प्रमुख सामाजिक सुरक्षा योजनाओं में शामिल इन तीनों प्रमुख योजनाओं का उद्देश्य नागरिकों को जीवन की अनिश्चितताओं से सुरक्षा प्रदान करके और दीर्घकालिक वित्तीय सुदृढ़ता को बढ़ावा देकर, बीमा और पेंशन के दायरे का विस्तार करना है। ये तीनों सरकारी सहायता प्राप्त कार्यक्रम जीवन बीमा, दुर्घटना कवरेज और रिटायरमेंट पेंशन की सुविधा देते हैं।

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इन योजनाओं के बारे में कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कम लागत पर बीमा और पेंशन लाभ प्रदान करने के लिए 'जन सुरक्षा' योजनाओं की शुरुआत की थी, जिनमें पीएमजेजेबीवाई, पीएमएसबीवाई और एपीवाई शामिल हैं।

उन्होंने बताया कि पीएम जीवन ज्योति बीमा योजना के तहत 27 करोड़ से ज्यादा, पीएम सुरक्षा बीमा योजना में 58 करोड़ और अटल पेंशन योजना के तहत 9 करोड़ नामांकन किए गए हैं। सीतारमण ने कहा कि पीएमजेजेबीवाई योजना के तहत 10.7 लाख से ज़्यादा परिवारों के लिए 21 हजार 500 करोड़ रुपये से ज्यादा के दावों का निपटारा किया गया है।

केंद्रीय वित्त मंत्री ने कहा कि पीएमएसबीवाई के तहत 1.84 लाख से ज़्यादा परिवारों के लगभग 3,660 करोड़ रुपये के क्लेम का निपटारा किया गया है। सीतारमण ने सभी हितधारकों की सराहना की जिनमें बैंकों और बीमा कंपनियों के फील्ड अधिकारी भी शामिल हैं, जिनके समर्पित प्रयासों से ये योजनाएं इतनी सफल हो पाई हैं।

इस अवसर पर केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी ने कहा कि इन योजनाओं का उद्देश्य अत्यंत गरीब लोगों को बीमा कवरेज और पेंशन सहायता प्रदान करना है। इन योजनाओं का एक मुख्य केंद्रबिंदु नामांकन और दावों की प्रक्रिया का डिजिटलीकरण और सरलीकरण रहा है।

चौधरी ने इस बात पर जोर दिया कि ऑनलाइन 'जन सुरक्षा पोर्टल' के लॉन्च से नागरिकों के लिए बैंक शाखाओं या डाकघरों में जाए बिना ही आसानी से पंजीकरण कराना संभव हो गया है। उन्होंने कहा कि दावों की प्रक्रिया को डिजिटल बनाने से उनका निपटारा तेज़ी से सुनिश्चित हुआ है, जिससे शोक संतप्त परिवारों को उस समय पर समयोचित सहायता मिल पाती है, जब उन्हें इसकी सबसे ज़्यादा ज़रूरत होती है।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रजेश शंकर