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पीएम गतिशक्ति: एनपीजी की बैठक में रेल, मेट्रो और एयरपोर्ट प्रोजेक्ट्स की हुई समीक्षा

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पीएम गतिशक्ति: एनपीजी की बैठक में रेल, मेट्रो और एयरपोर्ट प्रोजेक्ट्स की हुई समीक्षा


-पीएम गतिशक्ति के तहत नेटवर्क योजना समूह की 109वीं बैठक संपन्न

नई दिल्ली, 25 फरवरी (हि.स)। पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान को लेकर हुई एक बैठक में मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक्स दक्षता बढ़ाने पर जोर दिया गया। बैठक में दो रेलवे परियोजनाओं, एक मेट्रो परियोजना और एक हवाई अड्डा परियोजना का मूल्यांकन किया गया। इन परियोजनाओं से लॉजिस्टिक्स लागत कम होने, यात्रा समय घटने और परियोजना क्षेत्रों में सामाजिक-आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने बुधवार को बताया कि नेटवर्क योजना समूह (एनपीजी) की 109वीं बैठक उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) में हुई। यह बैठक अवसंरचना परियोजनाओं के मूल्यांकन के लिए बुलाई गई थी। इस बैठक में प्रमुख अवसंरचना परियोजनाओं का मूल्यांकन किया गया। इसमें बताया गया कि रेल मंत्रालय ने पंजाब, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर राज्यों से होकर गुजरने वाली 210.750 किलोमीटर लंबी तीसरी रेल लाइन का निर्माण प्रस्तावित किया है। प्रस्तावित मार्ग में 27 स्टेशन होंगे। यह जालंधर, होशियारपुर, कांगड़ा, पठानकोट, कठुआ और सांबा जैसे प्रमुख जिलों से होकर गुजरेगी। इस परियोजना का उद्देश्य इस रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण कॉरिडोर पर रेल क्षमता को उल्लेखनीय रूप से बढ़ाना और कनेक्टिविटी को मजबूत करना है।

इसके अलावा रेल मंत्रालय ने उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश राज्यों में मानिकपुर और इटारसी के बीच 518.532 किलोमीटर की तीसरी रेल लाइन के निर्माण का प्रस्ताव रखा है। प्रस्तावित मार्ग चित्रकूट, सतना, मैहर, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर और नर्मदापुरम जैसे प्रमुख जिलों से होकर गुजरता है, जिससे उत्तरी और मध्य भारत को जोड़ने वाले एक महत्वपूर्ण गलियारे पर रेल संपर्क मजबूत होता है। प्रस्तावित तीसरी रेल लाइन से परिचालन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होने, नेटवर्क की मजबूती में सुधार होने और बढ़ती यातायात मांग को पूरा करने तथा भीड़भाड़ को कम करने के लिए अतिरिक्त रेल सेवाओं की शुरुआत होने की उम्मीद है।

नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने राष्ट्रीय राजमार्ग एनएच-27 के निकट रणनीतिक रूप से स्थित असम में सिलचर जिले के डोलू में एक ग्रीनफील्ड हवाई अड्डे के विकास का प्रस्ताव रखा है। इस परियोजना का उद्देश्य क्षेत्र में हवाई यात्रा की बढ़ती मांग को पूरा करना और आधुनिक विमानन अवसंरचना तथा बेहतर क्षेत्रीय एवं राष्ट्रीय संपर्क प्रदान करके मौजूदा नागरिक एन्क्लेव की क्षमता संबंधी सीमाओं का समाधान करना है। इसके अलावा आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय ने गुजरात में सूरत मेट्रो कॉरिडोर II (प्रथम चरण) का सरौली से मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल कॉरिडोर तक विस्तार प्रस्तावित किया है। 4.4 किलोमीटर लंबे इस एलिवेटेड विस्तार में तीन स्टेशन शामिल हैं, जिनमें दो भावी स्टेशनों का भी प्रावधान है। इसका उद्देश्य शहरी परिवहन को बढ़ावा देना और सूरत को क्षेत्रीय एवं राष्ट्रीय परिवहन नेटवर्क से जोड़ना है।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रजेश शंकर