देश में पेटेंट आवेदनों की संख्या 2025-26 में 30.2 फीसदी बढ़कर हुई 1.43 लाख: गोयल
नई दिल्ली, 12 अप्रैल (हि.स)। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने रविवार को कहा कि देश में पेटेंट आवेदन दाखिल करने वालों की संख्या वित्त वर्ष 2025-26 में 30.2 फीसदी बढ़कर 1,43,729 हो गई है। यह बौद्धिक संपदा अधिकारों (आईपीआर) के तंत्र को मजबूत करने के लिए सरकार की विभिन्न पहल की वजह से हुआ है। इससे पिछले वित्त वर्ष में यह संख्या 1,10,375 रही थी।
केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने ‘एक्स’ पोस्ट पर जारी एक बयान में बताया, ‘‘वित्त वर्ष 2025-26 में हमारे पेटेंट आवेदन ऐतिहासिक रूप से बढ़कर 1.43 लाख से अधिक हो गए हैं, जो पिछले वित्त वर्ष की तुलना में 30.2 फीसदी का इजाफा हैं। इसमें से 69 फीसदी से अधिक पेटेंट घरेलू स्तर पर दाखिल किए गए हैं, जिनमें तमिलनाडु, कर्नाटक और महाराष्ट्र के नवोन्मेषकों की अग्रणी भूमिका है।’’
वाणिज्य मंत्री के मुताबिक आवेदनों की संख्या में 2016-17 से लगातार वृद्धि देखी जा रही है, जब यह संख्या 45,444 रही थी। इसके बाद ये वित्त वर्ष 2017-28 में 47,894, वित्त वर्ष 2018-19 में 50,660, वित्त वर्ष 2019-20 में 56,268, वित्त वर्ष 2020-21 में 58,503, वित्त वर्ष 2021-22 में 66,440, वित्त वर्ष 2022-23 में 82,208 और इसके बाद वित्त वर्ष 2023-24 में 92,163 रही।
उन्होंने कहा कि सरकार ने देश में पेटेंट तंत्र को मजबूत करने के लिए कई कदम उठाए हैं, जो विशेष रूप से स्टार्टअप, एमएसएमई और शैक्षणिक संस्थानों को लक्षित करते हैं। इन कदमों में स्टार्टअप, छोटी इकाइयों और शैक्षणिक संस्थानों के लिए शुल्क में कटौती, पेटेंट आवेदनों की त्वरित जांच का प्रावधान और भारतीय स्टार्टअप को पेटेंट, ट्रेडमार्क और डिजाइन आवेदनों को दाखिल करने तथा उनकी प्रक्रिया के लिए निःशुल्क सुविधा प्रदान करना शामिल है।
उल्लेखनीय है कि पेटेंट दाखिल करने के मामले में भारत दुनिया का छठा सबसे बड़ा देश है। यह एक ऐसे आत्मविश्वास से भरे भारत को दर्शाता है, जो जल्द ही इनोवेशन के क्षेत्र में एक वैश्विक महाशक्ति बनने के लिए तैयार है।
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रजेश शंकर

