home page

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज मार्केट कैप के लिहाज से शीर्ष 10 कंपनियों में हुआ शामिल

 | 
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज मार्केट कैप के लिहाज से शीर्ष 10 कंपनियों में हुआ शामिल


नई दिल्ली, 24 सितंबर (हि.स.)। देश के सबसे बड़े नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) ने गुरुवार को शेयर बाजार में धमाकेदार एंट्री की है। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) पर एनएसई का शेयर कारोबार के दौरान पांच फीसदी से अधिक चढ़ा। मामूली बढ़त के साथ बीएसई पर शुरुआत करने के बाद एनएसई बाजार मूल्यांकन (मार्केट कैप) के लिहाज से शीर्ष 10 मूल्यवान कंपनियों में शामिल हो गया है।

बीएसई पर एनएसई के शेयर 1,800 रुपये पर सूचीबद्ध हुए, जो 1,785 रुपये के निर्गम मूल्य से 0.84 फीसदी अधिक है। कारोबार के दौरान कंपनी के शेयर 5.21 फीसदी बढ़कर 1,878 रुपये पर पहुंच गए। इससे एनएसई का बाजार मूल्यांकन 4,54,966.88 करोड़ रुपये रहा। इसके साथ ही ये बीएसई पर बाजार मूल्यांकन के लिहाज से शीर्ष 10 मूल्यवान कंपनियों में शामिल हो गया।

बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार शीर्ष 10 कंपनियों में रिलायंस इंडस्ट्रीज का बाजार मूल्यांकन 16,67,750.07 करोड़ रुपये रहा है। इसके बाद भारती एयरटेल 11,32,338.92 करोड़ रुपये, एचडीएफसी बैंक 11,26,035.78 करोड़ रुपये, आईसीआईसीआई बैंक 9,57,570.88 करोड़ रुपये, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) 9,12,415.14 करोड़ रुपये, टीसीएस 7,57,627.53 करोड़ रुपये, बजाज फाइनेंस का 6,15,435.85 करोड़ रुपये, लार्सन एंड टुब्रो 5,32,457.60 करोड़ रुपये, भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) का मार्केट कैप 5,13,716.31 करोड़ रुपये और एनएसई का बाजार मूल्यांकन 4,54,966.88 करोड़ रुपये है। इसके साथ ही यह हिंदुस्तान यूनिलीवर के 4,54,845.62 करोड़ रुपये के बाजार पूंजीकरण और 4,46,985.57 करोड़ रुपये के मार्केट कैप वाली सन फार्मा से आगे है। एनएसई के प्रतिद्वंद्वी बीएसई का बाजार मूल्यांकन 1,31,946.42 करोड़ रुपये है।

एनएसई के 22,569 करोड़ रुपये के आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) को सोमवार को बोली के अंतिम दिन लगभग छह गुना अभिदान मिला था। इसमें संस्थागत खरीदारों की मजबूत मांग रही। यह आईपीओ 2024 में हुंडई मोटर इंडिया के 27,870 करोड़ रुपये के आईपीओ के बाद देश का दूसरा सबसे बड़ा सार्वजनिक निर्गम था। इसने 2022 में आए एलआईसी के 21,000 करोड़ रुपये के आईपीओ को पीछे छोड़ दिया है।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / प्रजेश शंकर