देश में जरूरी वस्तुओं की कीमतों में असामान्य उतार-चढ़ाव नहीं, स्थिति पर सरकार की नजर
सरकार ने कहा- लगभग 602 लाख मीट्रिक टन खाद्य स्टॉक उपलब्ध
नई दिल्ली, 06 अप्रैल (हि.स)। पश्चिम एशिया संकट के बीच केंद्र सरकार ने सोमवार को कहा कि जरूरी वस्तुओं की कीमतों में फिलहाल कोई 'असामान्य उतार-चढ़ाव' नहीं देखा गया है। देशभर के थोक एवं खुदरा बाजारों में कीमतों पर लगातार नजर रखी जा रही है।
सार्वजनिक वितरण विभाग में संयुक्त सचिव सी. शिखा ने यहां अंतर-मंत्रालयी संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि देश की खाद्य सुरक्षा स्थिति पर करीबी नजर रखी जा रही है। उन्होंने कहा कि हमारे पास तय मानकों से तीन गुना ज्यादा गेहूं और चावल दोनों का पर्याप्त बफर स्टॉक है। गेहूं के लिए हमारे पास लगभग 222 लाख मीट्रिक टन (एलएमटी) स्टॉक है। चावल के लिए हमारे पास लगभग 380 लाख मीट्रिक टन (एलएमटी) का स्टॉक है। इस तरह कुल मिलाकर हमारे पास लगभग 602 लाख मीट्रिक टन (एलएमटी) का खाद्य स्टॉक उपलब्ध है। उन्होंने बताया कि राज्यों को आवश्यक खाद्य वस्तुओं की जमाखोरी और कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई करने को कहा गया है।
संयुक्त सचिव ने कहा कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए) कमजोर आबादी के लिए खाद्यान्नों की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित करता है। खाद्य सुरक्षा के अलावा हम बाजार में हस्तक्षेप भी करते हैं, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि बाजार में खाद्यान्नों की कीमतें स्थिर रहें। यह ओपन मार्केट सेल स्कीम के माध्यम से किया जाता है।
सी. शिखा ने कहा कि हमारे मुख्य साझेदारों से आयात लगातार जारी है। इन मुख्य साझेदारों में इंडोनेशिया, मलेशिया, रूस, यूक्रेन, अर्जेंटीना और ब्राजील शामिल हैं। सरसों के उत्पादन में सुधार से घरेलू आपूर्ति मज़बूत हुई है। कुल मिलाकर आपूर्ति स्थिर बनी हुई है। सरकार इस पर बारीकी से नज़र रखना जारी रखेगी और ज़रूरत पड़ने पर हस्तक्षेप भी करेगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रजेश शंकर

