नीति आयोग ने भारत की डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर यात्रा का रोडमैप किया लॉन्च
नई दिल्ली, 28 अप्रैल (हि.स)। नीति आयोग ने भारत की डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (डीपीआई) यात्रा के अगले चरण के लिए एक रणनीतिक रोडमैप, “DPI@2047” लॉन्च किया है। इसका उद्देश्य डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर के जरिए देश में समावेशी और तेज आर्थिक विकास को बढ़ावा देना है। यह पहल विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को ध्यान में रखकर तैयार की गई है।
आयोग के मुताबिक यह रोडमैप दो चरणों में काम करेगा, इसमें पहला डीपीआई 2.0 (2025–2035), जिसमें रोजगार और आजीविका बढ़ाने पर फोकस रहेगा, और दूसरा डीपीआई 3.0 (2035–2047) है, जिसमें व्यापक समृद्धि हासिल करने का लक्ष्य होगा। डीपीआई 2.0 के तहत एमएसएमई, कृषि, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में बदलाव लाने की योजना है। साथ ही, क्रेडिट, डिजिटल ट्रांजैक्शन, डेटा के बेहतर उपयोग और एआई के इस्तेमाल को बढ़ावा दिया जाएगा। इस पहल का मुख्य उद्देश्य डिजिटल सिस्टम को केवल पहचान, भुगतान और सरकारी योजनाओं तक सीमित न रखकर, उसे रोजगार, उत्पादकता और बाजार तक पहुंच बढ़ाने के लिए इस्तेमाल करना है।
कार्यक्रम के दौरान सुमन बेरी ने कहा कि अब विकास का फोकस सिर्फ जीडीपी पर नहीं, बल्कि उत्पादकता बढ़ाने पर होना चाहिए। वहीं अजय कुमार सूद ने कहा कि तकनीक का सही उपयोग तभी संभव है जब उसे बड़े स्तर पर लागू किया जाए और उसमें भरोसा और सुरक्षा बनी रहे। वहीं, निधि छिब्बर ने बताया कि ये रोडमैप राज्यों को भी डिजिटल बदलाव में मदद करेगा, जिससे उनकी विकास गति तेज होगी।
विशेषज्ञों के अनुसार डीपीआई और एआई के मेल से भारत एक ऐसा मॉडल बना सकता है, जो रोजगार बढ़ाने, लोगों की जिंदगी बेहतर बनाने और अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में मदद करेगा। कुल मिलाकर, यह रोडमैप भारत की डिजिटल यात्रा को एक नए चरण में ले जाने और व्यापक स्तर पर विकास सुनिश्चित करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रजेश शंकर

