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सब्सक्रिप्शन के लिए लॉन्च हुआ विविड इलेक्ट्रोमेक का आईपीओ, 30 मार्च तक लगा सकते हैं बोली

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सब्सक्रिप्शन के लिए लॉन्च हुआ विविड इलेक्ट्रोमेक का आईपीओ, 30 मार्च तक लगा सकते हैं बोली


नई दिल्ली, 25 मार्च (हि.स.)। लो और मीडियम वोल्टेज इलेक्ट्रिकल पैनल तथा ऑटोमेशन सिस्टम बनाने वाली कंपनी विविड इलेक्ट्रोमेक का 130.54 करोड़ रुपये का आईपीओ आज सब्सक्रिप्शन के लिए लॉन्च कर दिया गया। इस आईपीओ में 30 मार्च तक बोली लगाई जा सकती है। इश्यू की क्लोजिंग के बाद दो अप्रैल को शेयरों का अलॉटमेंट किया जाएगा, जबकि छह अप्रैल को अलॉटेड शेयर डीमैट अकाउंट में क्रेडिट कर दिए जाएंगे। कंपनी के शेयर सात अप्रैल को एनएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म पर लिस्ट हो सकते हैं।

इस आईपीओ में बोली लगाने के लिए 528 रुपये से लेकर 555 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया गया है, जबकि लॉट साइज 240 शेयर का है। विविड इलेक्ट्रोमेक के इस आईपीओ में रिटेल इनवेस्टर्स को दो लॉट यानी 480 शेयरों के लिए बोली लगाना होगा, जिसके लिए उन्हें 2,66,400 रुपये का निवेश करना होगा। इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 23.52 लाख शेयर जारी किए जा रहे हैं। इनमें 98 करोड़ रुपये के 17,65,200 नए शेयर और 4.68 लाख शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के जरिये बेचे जा रहे हैं।

इस आईपीओ में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए 47.42 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व किया गया है। इसके अलावा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए 33.27 प्रतिशत हिस्सा और नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (एनआईआई) के लिए 14.27 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व है। इसके अलावा कंपनी के मार्केट मेकर्स के लिए 5.05 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व किया गया है। इस इश्यू के लिए हेम सिक्योरिटीज लिमिटेड को बुक रनिंग लीड मैनेजर बनाया गया है, जबकि एमयूजीएफ इनटाइम इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को रजिस्ट्रार बनाया गया है। वहीं हेम फिनलीज प्राइवेट लिमिटेड कंपनी का मार्केट मेकर है।

कंपनी की वित्तीय स्थिति की बात करें तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत लगातार मजबूत हुई है। वित्त वर्ष 2022-23 में कंपनी को छह लाख रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 4.28 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 20.24 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही यानी अप्रैल से 30 सितंबर 2025 तक कंपनी को 9.44 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हो चुका है।

इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी लगातार बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2022-23 में इसे 59.63 करोड़ का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 89.55 करोड़ और वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 155.77 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही यानी अप्रैल से 30 सितंबर 2025 तक कंपनी को 70.89 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हो चुका है।

इस अवधि में कंपनी पर लदे कर्ज के बोझ में उतार चढ़ाव होता रहा। वित्त वर्ष 2022-23 के अंत में कंपनी पर 6.47 करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ था, जो वित्त वर्ष 2023-24 में घट कर 4.77 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2024-25 में और कम होकर 4.23 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही यानी अप्रैल से 30 सितंबर 2025 तक की बात करें, तो इस दौरान कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ बढ़ कर 14.17 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।

इस अवधि में कंपनी के नेटवर्थ में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2022-23 में ये 2.38 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2023-24 में बढ़ कर 6.98 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का नेटवर्थ 27.45 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही यानी अप्रैल से 30 सितंबर 2025 तक ये 37.03 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

इस अवधि में कंपनी के रिजर्व और सरप्लस में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2022-23 में ये 14.94 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2023-24 में बढ़ कर 18.05 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का नेटवर्थ 38.29 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही यानी अप्रैल से 30 सितंबर 2025 तक ये 44.23 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

इसी तरह ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) 2022-23 में 1.76 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2023-24 में बढ़ कर 7.18 करोड़ रुपये और 2024-25 में 28.39 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही यानी अप्रैल से 30 सितंबर 2025 तक ये 13.50 करोड़ रुपये के स्तर पर था।

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हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक