सब्सक्रिप्शन के लिए खुला सेफ्टी कंट्रोल्स का आईपीओ, 13 अप्रैल को हो सकती है लिस्टिंग
नई दिल्ली, 06 अप्रैल (हि.स.)। इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन (ईपीसी) सेक्टर के लिए काम करने वाली कंपनी सेफ्टी कंट्रोल्स एंड डिवाइसेज का 48 करोड़ रुपये का आईपीओ आज सब्सक्रिप्शन के लिए लॉन्च कर दिया गया। इस आईपीओ में अप्रैल तक बोली लगाई जा सकती है। इश्यू की क्लोजिंग के बाद नौ अप्रैल को शेयरों का अलॉटमेंट किया जाएगा, जबकि 10 अप्रैल को अलॉटेड शेयर डीमैट अकाउंट में क्रेडिट कर दिए जाएंगे। कंपनी के शेयर 13 अप्रैल को बीएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म पर लिस्ट हो सकते हैं।
इस आईपीओ में बोली लगाने के लिए 75 रुपये से लेकर 80 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया गया है, जबकि लॉट साइज 1,600 शेयर का है। सेफ्टी कंट्रोल्स के इस आईपीओ में रिटेल इनवेस्टर्स रिटेल इनवेस्टर्स को दो लॉट यानी 3,200 शेयरों के लिए बोली लगाना होगा, जिसके लिए उन्हें 2,56,000 रुपये का निवेश करना होगा। इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 60 लाख नए शेयर जारी किए जा रहे हैं।
इस आईपीओ में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए 48.88 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व किया गया है। इसके अलावा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए 35.96 प्रतिशत हिस्सा और नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (एनआईआई) के लिए 15.17 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व है। इस इश्यू के लिए सौभाग्या कैपिटल ऑपशंस प्राइवेट लिमिटेड को बुक रनिंग लीड मैनेजर बनाया गया है, जबकि मांशीतला सिक्योरिटीज प्राइवेट लिमिटेड को रजिस्ट्रार बनाया गया है। वहीं एनएनएम सिक्योरिटीज प्राइवेट लिमिटेड कंपनी का मार्केट मेकर है।
सेफ्टी कंट्रोल्स एंड डिवाइसेज की वित्तीय स्थिति की बात करें तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत लगातार मजबूत हुई है। वित्त वर्ष 2022-23 में कंपनी को 43 लाख रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 4.01 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 8.99 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। मौजूदा वित्त वर्ष में 31 जनवरी 2026 तक कंपनी को 8.52 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हो चुका है।
इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी मामूली उतार चढ़ाव के साथ बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2022-23 में इसे 49.26 करोड़ का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2023-24 में घट कर 45.70 करोड़ और वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 103.50 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। मौजूदा वित्त वर्ष में 31 जनवरी 2026 तक कंपनी को 68.51 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हो चुका है।
इस अवधि में कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ भी लगातार बढ़ता गया। वित्त वर्ष 2022-23 के अंत में कंपनी पर 18.52 करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ था, जो वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 29.79 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 33.84 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। मौजूदा वित्त वर्ष में 31 जनवरी 2026 तक की बात करें, तो इस दौरान कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ 39.18 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।
इस अवधि में कंपनी के नेटवर्थ में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2022-23 में ये 12.47 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2023-24 में बढ़ कर 17.48 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का नेटवर्थ 42.17 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं मौजूदा वित्त वर्ष में 31 जनवरी 2026 तक ये 54.47 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।
इस अवधि में कंपनी के रिजर्व और सरप्लस में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2022-23 में ये 2.97 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2023-24 में बढ़ कर 6.98 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 28.87 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं मौजूदा वित्त वर्ष में 31 जनवरी 2026 तक ये 40.64 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।
इसी तरह ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) 2022-23 में 2.63 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2023-24 में बढ़ कर 8.27 करोड़ रुपये और 2024-25 में 17.27 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं मौजूदा वित्त वर्ष में 31 जनवरी 2026 तक ये 16.21 करोड़ रुपये के स्तर पर था।
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हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक

