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प्राइमरी मार्केट में प्रायोरिटी ज्वेल्स की अच्छी शुरुआत, पहले दिन ही मिला 1.93 गुना सब्सक्रिप्शन

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प्राइमरी मार्केट में प्रायोरिटी ज्वेल्स की अच्छी शुरुआत, पहले दिन ही मिला 1.93 गुना सब्सक्रिप्शन


नई दिल्ली, 28 अगस्त (हि.स.)। कल्याण ज्वेलर्स समेत देश के कई मशहूर ज्वेलरी ब्रांड के लिए गहने का निर्माण करने वाली कंपनी प्रायोरिटी ज्वेल्स लिमिटेड का 91.50 करोड़ रुपये का आईपीओ आज सब्सक्रिप्शन के लिए लॉन्च कर दिया गया। इस आईपीओ में एक सितंबर तक बोली लगाई जा सकती है। इश्यू की क्लोजिंग के बाद दो सितंबर को शेयरों का अलॉटमेंट किया जाएगा, जबकि तीन सितंबर को अलॉटेड शेयर डीमैट अकाउंट में क्रेडिट कर दिए जाएंगे। कंपनी के शेयर चार सितंबर को बीएसई और एनएसई पर लिस्ट हो सकते हैं। लॉन्चिंग के बाद पहले दिन ही यह आईपीओ 1.93 गुना सब्सक्राइब हो चुका है।

इस आईपीओ में बोली लगाने के लिए 190 रुपये से लेकर 200 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया गया है, जबकि लॉट साइज 75 शेयर का है। इस आईपीओ में रिटेल इनवेस्टर्स कम से कम एक लॉट यानी 75 शेयरों के लिए बोली लगा सकते हैं, जिसके लिए उन्हें 15,000 रुपये का निवेश करना होगा। इसी तरह रिटेल इनवेस्टर 1,95,000 रुपये के निवेश से अधिकतम 13 लॉट में 975 शेयरों के लिए बोली लगा सकते हैं। इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 45.75 लाख नए शेयर जारी किए जा रहे हैं।

इस आईपीओ में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए 50 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व किया गया है। इसके अलावा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए 35 प्रतिशत हिस्सा और नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (एनआईआई) के लिए 15 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व है। इस इश्यू के लिए मेफकॉम कैपिटल मार्केट्स लिमिटेड को बुक रनिंग लीड मैनेजर बनाया गया है, जबकि एमयूजीएफ इनटाइम इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को रजिस्ट्रार बनाया गया है।

प्रायोरिटी ज्वेल्स की वित्तीय स्थिति की बात करें तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत लगातार मजबूत बनी रही है। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी को 7.15 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 10.51 करोड़ रुपये और 2025-26 में उछल कर 17.65 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। वहीं मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही यानी 30 जून 2026 तक कंपनी को 6.48 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हो चुका था।

इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में लगातार बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में इसे 410.61 करोड़ रुपये का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 435.87 करोड़ रुपये और 2025-26 में उछल कर 539.03 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही यानी 30 जून 2026 तक कंपनी को 147.40 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हो चुका था।

इस अवधि में कंपनी पर लदे कर्ज के बोझ में उतार चढ़ाव होता रहा। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी पर 124.96 करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ था, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 145.85 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। इसके अगले वित्त वर्ष 2025-26 की बात करें, तो इस वित्त वर्ष के दौरान कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ कम होकर 102.59 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही यानी 30 जून 2026 तक कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ 110.49 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंचा हुआ था।

कंपनी का रिजर्व और सरप्लस भी इस अवधि में लगातार बढ़ता गया। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 91.63 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो वित्त वर्ष वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 92.29 करोड़ रुपये के स्तर पर और 2025-26 में 125.26 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। वहीं मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही यानी 30 जून 2026 तक की बात करें, तो इस दौरान कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 132.36 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया था।

इस अवधि में कंपनी के नेटवर्थ में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में ये 94.78 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 104.89 करोड़ रुपये के स्तर पर और पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में 138.61 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही यानी 30 जून 2026 तक कंपनी का नेटवर्थ 145.66 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

इसी तरह ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) 2023-24 में 19.35 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 24.28 करोड़ रुपये के स्तर पर और पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में 33.62 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। वहीं मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही यानी 30 जून 2026 तक कंपनी का ईबीआईटीडीए 10.29 करोड़ रुपये के स्तर पर था।

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हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक