सब्सक्रिप्शन के लिए खुला पूजा प्रेसिजन का आईपीओ, पहले घंटे में ही हुआ फुली सब्सक्राइब
नई दिल्ली, 28 जुलाई (हि.स.)। कारों, इलेक्ट्रिकल व्हेकिल्स और अन्य उद्योगों के लिए एल्युमिनियम पार्ट्स बनाने वाली कंपनी पूजा प्रेसिजन इंजीनियरिंग लिमिटेड का 159.83 करोड़ रुपये का आईपीओ आज सब्सक्रिप्शन के लिए लॉन्च कर दिया गया। इस आईपीओ में 30 जुलाई तक बोली लगाई जा सकती है। इश्यू की क्लोजिंग के बाद 31 जुलाई को शेयरों का अलॉटमेंट किया जाएगा, जबकि तीन अगस्त को अलॉटेड शेयर डीमैट अकाउंट में क्रेडिट कर दिए जाएंगे। कंपनी के शेयर चार अगस्त को बीएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म पर लिस्ट हो सकते हैं। सब्सक्रिप्शन के लिए खुलने के बाद पहले घंटे में ही ये शेयर फुली सब्सक्राइब हो गया था। सुबह 10:30 बजे तक इस आईपीओ को 1.12 गुना सब्सक्रिप्शन मिल चुका था।
इस आईपीओ में बोली लगाने के लिए 285 रुपये प्रति शेयर से लेकर 301 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया गया है, जबकि लॉट साइज 400 शेयर का है। इस आईपीओ में रिटेल इनवेस्टर्स को दो लॉट यानी 800 शेयरों के लिए बोली लगाना होगा, जिसके लिए उन्हें 2,40,800 रुपये का निवेश करना होगा। इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 53.10 लाख नए शेयर बेचे जा रहे हैं।
इस आईपीओ में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए 47.08 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व किया गया है। इसके अलावा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए 32.98 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व किया गया है। इसी तरह नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (एनआईआई) के लिए 14.15 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व है। इसके अलावा मार्केट मेकर के लिए 5.01 प्रतिशत और कंपनी के कर्मचारियों के लिए 0.78 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व किया गया है। इस इश्यू के लिए हेम सिक्योरिटीज लिमिटेड को बुक रनिंग लीड मैनेजर बनाया गया है, जबकि एमयूजीएफ इनटाइम इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को रजिस्ट्रार बनाया गया है। वहीं हेम फिनलीज प्राइवेट लिमिटेड कंपनी का मार्केट मेकर है।
पूजा प्रेसिजन इंजीनियरिंग लिमिटेड की वित्तीय स्थिति की बात करें तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत मजबूत नजर आती है। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी को 16.10 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 23.93 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का शुद्ध लाभ उछल कर 30.90 करोड़ रुपये हो गया।
इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी लगातार बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में इसे 174.59 करोड़ का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 222.80 करोड़ और वित्त वर्ष 2025-26 में उछल कर 295.20 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।
इस अवधि में कंपनी पर लदे कर्ज के बोझ में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी पर 14.28 करोड़ रुपये का कर्ज था, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 19.54 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। इसके बाद पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के अंत में कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ उछल कर 41.16 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।
इस अवधि में कंपनी के रिजर्व और सरप्लस में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में ये 56.28 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 77.64 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह 2025-26 में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस उछल कर 118.53 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।
कंपनी के नेटवर्थ की बात करें तो इस दौरान इस मोर्चे पर कंपनी ने लगातार बढ़त बनाए रखी। वित्त वर्ष 2023-24 में ये 64.83 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 86.20 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह 2025-26 में कंपनी का नेटवर्थ उछल कर 133.16 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।
इसी तरह ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) 2023-24 में 27.45 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 39.89 करोड़ रुपये हो गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का ईबीआईटीडीए 51.78 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।
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हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक

