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नौ को सब्सक्रिप्शन के लिए खुलेगा ओम पावर का आईपीओ, 13 अप्रैल तक लगा सकेंगे बोली

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नौ को सब्सक्रिप्शन के लिए खुलेगा ओम पावर का आईपीओ, 13 अप्रैल तक लगा सकेंगे बोली


नई दिल्ली, 06 अप्रैल (हि.स.)। पावर ट्रांसमिशन इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में काम करने वाली कंपनी ओम पावर ट्रांसमिशन ने अपने आईपीओ के लिए प्राइस बैंड और उसके साइज की घोषणा कर दी है। इस आईपीओ में बोली लगाने के लिए 166 से लेकर 175 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया गया है, जबकि लॉट साइज 85 शेयर का है। इस इश्यू का साइज 150.06 करोड़ रुपये का है।

ओम पावर ट्रांसमिशन का ये इश्यू सब्सक्रिप्शन के लिए नौ अप्रैल को खुलेगा। निवेशक इसमें 13 अप्रैल तक बोली लगा सकेंगे। इश्यू की क्लोजिंग के बाद 15 अप्रैल को शेयरों का अलॉटमेंट किया जाएगा, जबकि 16 अप्रैल को अलॉटेड शेयर डिमैट अकाउंट में क्रेडिट कर दिए जाएंगे। कंपनी के शेयर 17 अप्रैल को बीएसई और एनएसई पर लिस्ट हो सकते हैं।

इस आईपीओ में रिटेल इनवेस्टर्स कम से कम एक लॉट यानी 85 शेयरों के लिए बोली लगा सकते हैं, जिसके लिए उन्हें 14,875 रुपये का निवेश करना होगा। इसी तरह रिटेल इनवेस्टर 1,93,375 रुपये के निवेश से अधिकतम 13 लॉट में 1,105 शेयर के लिए बोली लगा सकते हैं। इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले 150.06 करोड़ रुपये के कुल 85.759 लाख शेयर जारी किए जा रहे हैं। इनमें 133 करोड़ रुपये के 75.75 लाख नए शेयर जारी हो रहे हैं। इसके अलावा 10 लाख शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के जरिये बेचे जाएंगे।

इस आईपीओ में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए अधिकतम 50 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व किया गया है। इसके अलावा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए न्यूनतम 35 प्रतिशत हिस्सा और नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (एनआईआई) के लिए न्यूनतम 15 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व है। इस इश्यू के लिए बीलाइन कैपिटल एडवाइजर्स प्राइवेट लिमिटेड को बुक रनिंग लीड मैनेजर बनाया गया है। वहीं एमयूजीएफ इनटाइम इंडिया प्रा. लि. को रजिस्ट्रार बनाया गया है।

ओम पावर ट्रांसमिशन की वित्तीय स्थिति की बात करें तो प्रॉस्पेक्टस में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत लगातार मजबूत हुई है। वित्त वर्ष 2022-23 में कंपनी को 6.23 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़कर 7.41 करोड़ रुपये और 2024-25 में उछल कर 22.08 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। मौजूदा वित्त वर्ष में 31 दिसंबर 2025 तक कंपनी को 23.37 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हो चुका है।

इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में लगातार बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2022-23 में इसे 121.71 करोड़ का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 184.39 करोड़ और वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 281.65 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। मौजूदा वित्त वर्ष में 31 दिसंबर 2025 तक कंपनी को 276.50 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है।

इस अवधि में कंपनी पर लदे कर्ज के बोझ में उतार चढ़ाव होता रहा। वित्त वर्ष 2022-23 के अंत में कंपनी पर 25.57 करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ था, जो वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 26.23 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2024-25 में घट कर 18.90 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। मौजूदा वित्त वर्ष में 31 दिसंबर 2025 तक की बात करें, तो इस दौरान कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ 38.47 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।

इस अवधि में कंपनी के नेटवर्थ में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2022-23 में ये 43.36 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2023-24 में बढ़ कर 50.64 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का नेटवर्थ 72.65 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं मौजूदा वित्त वर्ष में 31 दिसंबर 2025 तक ये 119.84 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

इस अवधि में कंपनी के रिजर्व और सरप्लस में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2022-23 में ये 42.76 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2023-24 में बढ़ कर 50.04 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 72.05 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं मौजूदा वित्त वर्ष में 31 दिसंबर 2025 तक ये 93.17 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) की बात करें तो 2022-23 में 11.93 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2023-24 में बढ़ कर 14.47 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का ईबीआईटीडीए उछल कर 35.66 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं मौजूदा वित्त वर्ष में 31 दिसंबर 2025 तक ये 34.24 करोड़ रुपये के स्तर पर था।

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हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक