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सब्सक्रिप्शन के लिए खुला इंडो एमआईएम का आईपीओ, 30 जुलाई को हो सकती है लिस्टिंग

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सब्सक्रिप्शन के लिए खुला इंडो एमआईएम का आईपीओ, 30 जुलाई को हो सकती है लिस्टिंग


नई दिल्ली, 23 जुलाई (हि.स.)। प्रिसिजन इंजीनियरिंग कंपोनेंट बनाने वाली कंपनी इंडो एमआईएम का 3,811.21 करोड़ रुपये का आईपीओ आज सब्सक्रिप्शन के लिए लॉन्च कर दिया गया। इस आईपीओ में 27 जुलाई तक बोली लगाई जा सकती है। इश्यू की क्लोजिंग के बाद 28 जुलाई को शेयरों का अलॉटमेंट किया जाएगा, जबकि 29 जुलाई को अलॉटेड शेयर डीमैट अकाउंट में क्रेडिट कर दिए जाएंगे। कंपनी के शेयर 30 जुलाई को बीएसई और एनएसई पर लिस्ट हो सकते हैं। पहले दिन दोपहर 3:15 बजे तक ये आईपीओ 82 प्रतिशत सब्सक्राइब हुआ था।

इस आईपीओ में बोली लगाने के लिए 461 रुपये से लेकर 485 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया गया है, जबकि लॉट साइज 30 शेयर का है। इस आईपीओ में रिटेल इनवेस्टर्स कम से कम एक लॉट यानी 30 शेयरों के लिए बोली लगा सकते हैं, जिसके लिए उन्हें 14,550 रुपये का निवेश करना होगा। इसी तरह रिटेल इनवेस्टर 1,89,150 रुपये के निवेश से अधिकतम 13 लॉट में 390 शेयर के लिए बोली लगा सकते हैं। इस आईपीओ के तहत 1 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 7,86,00,300 शेयर जारी हो रहे हैं। इनमें 1,03,09,278 नए शेयर जारी हो रहे हैं, जबकि 6,82,91,022 शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के जरिये जारी किए जा रहे हैं।

इस आईपीओ में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए 49.87 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व किया गया है। इसके अलावा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए 34.91 प्रतिशत हिस्सा और नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (एनआईआई) के लिए 14.96 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व है। इसके अलावा कंपनी के एंप्लॉयीज के लिए 0.26 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व किया गया है। इस इश्यू के लिए एचडीएफसी बैंक लिमिटेड को बुक रनिंग लीड मैनेजर बनाया गया है, जबकि केफिन टेक्नोलॉजीज लिमिटेड को रजिस्ट्रार बनाया गया है।

इंडो एमआईएम की वित्तीय स्थिति की बात करें, तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत लगातार मजबूत हुई है। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी को 283.73 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 423.73 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी को 533.54 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था।

इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी लगातार बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में इसे 2,900.38 करोड़ का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 3,373.97 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी को 4,320.70 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ था। इस अवधि में कंपनी पर लदे कर्ज के बोझ में उतार चढ़ाव होता रहा। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी पर 1,085.01 करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ था, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 1,247.20 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के अंत तक कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ घट कर 1,090.49 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया था।

इस अवधि में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस लगातार बढ़ता गया। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 1,889.04 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 2,030.81 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 की बात करें, तो इस दौरान कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 2,573.46 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया था।

इस अवधि में कंपनी के नेटवर्थ में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में ये 2,050.51 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 2,199.43 करोड़ रुपये हो गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में ये 2,819.55 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। इसी तरह ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) 2023-24 में 743.46 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 932.60 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का ईबीआईटीडीए 1,070.92 करोड़ रुपये के स्तर पर था।

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हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक